शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि अयोध्या मसले को सुप्रीम कोर्ट पर ही छोड़ देना चाहिए। न्यायालय का जो भी फैसला आएगा उसे हम सबको मान लेना चाहिए। जौनपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे मौलाना कल्बे जव्वाद गुरुवार को बाजारभुआ स्थित आइडियल पब्लिक स्कूल में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी जिस तरह से एक के बाद एक विवादित बयान दे रहे हैं उससे तो यही लगता है कि आरएसएस के बड़े नेताओं का हाथ उनके सर पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वक्फ के घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश होने के बावजूद उन पर कोई कार्रवाई न होना भी उनके आरएसएस से करीबी रिश्ते का संकेत है।
वसीम रिजवी ने पूर्व मंत्री आजम खान के साथ मिलकर कई बड़े घोटाले किए हैं। उन्होंने हमारे सबसे बड़े धर्मगुरु आयतुल्लाह सिश्तानी के बारे में बोला था तो सभी उलेमाओं ने एकजुट होकर शिया कौम से खारिज कर दिया था।
इसलिए शिया कौम उनके बयान पर कोई तव्वजो नहीं देती है। भारत और ईरान के रिश्ते के सवाल पर उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा भारत का दोस्त रहा है और जिस तरह से अमेरिका पूरी दुनिया में अपनी दादागिरी कर उसे बर्बाद करने पर तुला है उससे सतर्क रहने की जरूरत है।