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प्रशासनिक सूझबूझ से समय रहते नियंत्रित हो गया अशांत माहौल, एनआरसी के विरोध में आगजनी

Tue, 17 Dec 2019 05:19 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
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नागरिकता कानून के खिलाफ मऊ में विरोध। - फोटो : अमर उजाला।
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मऊ में नागरिकता कानून के विरोध में सोमवार की शाम मिर्जाहादीपुरा चौराहे पर उपद्रव करने वालों को प्रशासन के धैर्य और सख्ती के आगे मुंह की खानी पड़ी और फिर भागना पड़ा। उपद्रवियों के हटने के बाद पुलिस प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा था। 

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सदर चौक पर जुटी भीड़ जैसे जैसे मिर्जाहादीपुरा की तरफ बढ़ी युवक शामिल होते गए। मिर्जाहादीपुरा पहुंचते पहुंचते हजारों की संख्या में युवक जुलूस में शामिल हो चुके थे। इस दौरान कई थाने की फोर्स थी, लेकिन उपद्रवियों ने किसी की एक नहीं सुनी और जैसे ही शाम हुई, नापाक हरकत करने से बाज नहीं आए। 

उपद्रवियों को इस बात का अहसास नहीं था कि उनके इस कृत्य की सजा बेगुनाह लोग भी भुगत सकते हैं। यही नहीं, उपद्रवियों ने मौलाना इफ्तेखार अहमद के साथ नगर पालिका अध्यक्ष तैयब पालकी और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल की बात भी नहीं सुनी। लेकिन जब जिला और पुलिस प्रशासन ने सख्ती की तो उपद्रवी भाग खड़े हुए।

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मौके पर जमे थे कुछ पुलिस मित्र
शहर में अमन चैन कायम रखने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन की तरफ से तैनात किए गए पुलिस मित्रों में कुछ इस उपद्रव को रोकने में प्रशासन के साथ साथ लगे थे। हालांकि उपद्रवी किसी की नहीं सुन रहे थे। यही कारण था कि उपद्रवियों के पथराव करने से पूरी सड़क पत्थरों से पट गई थी।

पुलिस और पत्रकारों की थीं जली बाइकें 
उपद्रव के दौरान मिर्जाहादीपुरा तिराहे पर उपद्रवियों द्वारा फूंकी गई बाइकों में अधिकांश पुलिस और पत्रकारों की थी। मौका मिलने पर उपद्रवियों ने सड़क किनारे खड़ी बाइकों को तिराहे पर लाकर आग के हवाले कर दिया।
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