Varanasi Latest News: मटुका नदी का अस्तित्व कई साल पहले खत्म हो चुका था। लेकिन, इस नदी को पुनर्जीवित कर दिया गया है। इससे किसानों को काफी लाभ मिल रहा है।
कई साल पहले अपना अस्तित्व खो चुकी मटुका नदी को पुनर्जीवित कर दिया गया है। किसान इसके पानी से फसलों की सिंचाई करने लगे हैं। सेवापुरी क्षेत्र में 26 ग्राम पंचायतों के किसानों को इसका लाभ मिल रहा है। सिर्फ यही नहीं, जल संरक्षण की दिशा में काम हो रहा है।
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इस नदी पर सात चेकडैम और 14 ड्रॉप स्टिल वेज बनाए जा रहे हैं। चेकडैम में बारिश का पानी रुकेगा और ड्रॉप स्टिल वेज से पानी पाताल में जाएगा जो जलस्तर बढ़ाने में मदद करेगा। सीडीओ हिमांशु नागपाल ने बताया कि यह नदी कब्जों में खत्म हो चुकी थी।
नदी भदोही जिले से आती हुई वाराणसी में प्रवेश करती है। कुछ किसानों ने इसे पाटकर खेती करना शुरू कर दिया था। कई जगहों पर कूड़े के ढेर थे। टीम को लगाकर पुराने मानचित्र की मदद से इसे चिह्नित किया गया। जहां-जहां कब्जे थे, खाली कराया गया। उसके बाद जेसीबी और मनरेगा के श्रमिकों की मदद से इसकी खोदाई शुरू कराई गई। काम अभी चल रहा है।
ग्राम पंचायत भीषमपुर, दिलावरपुर समेत अन्य कई ग्राम पंचायतों के किसानों ने इसी साल इस नदी के पानी से गेहूं की फसल में सिंचाई की थी। उन्होंने बताया कि इस नदी में बारिश का पांच हजार कैचमेट जल भी जाएगा। यानी कि करीब 20 किमी के ढलान तक के हिस्से में बारिश का पानी इसमें पहुंचेगा।