Chandauli News: चंदौली जिले में हिस्ट्रीशीटर की हत्या की चर्चा खूब हो रही है। लोग इस घटना को वर्चस्व की जंग और बदले की आग से जोड़कर देख रहे हैं।वजह ये है कि इसी जगह पर सात साल पहले हिस्ट्रीशीटर राजकुमार ने राजन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
चंदौली जिले के कस्बा में बृहस्पतिवार को जिस स्थान पर छह बदमाशों ने हिस्ट्रीशीटर राजकुमार यादव (54) की गोली मारकर हत्या की है, उसी स्थान पर 2019 में राजकुमार यादव ने बच्चों के विवाद के बाद बुधपुर गांव निवासी राजन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। राजकुमार के खिलाफ छह मुकदमे धानापुर थाने में दर्ज हैं। वहीं, राजकुमार का बेटा भी हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस रिकॉर्ड में वह जिले का टॉप टेन अपराधी है।
विज्ञापन
ये है पूरा मामला
धानापुर क्षेत्र के गांव रायपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर राजकुमार यादव की हत्या को वर्चस्व की जंग और बदले की आग से जोड़कर देखा जा रहा है। सात साल पहले वर्ष 2019 में राजकुमार ने बुधपुर के राजन सिंह की धानापुर कस्बा में गोली मारकर हत्या कर दी थी। राजन सिंह की हत्या के बाद राजकुमार अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क था।
पुलिस के अनुसार, पिछले साल जुलाई में धानापुर और सकलडीहा पुलिस ने धरहरा-रानेपुर मार्ग पर मुठभेड़ के बाद मुटुन और उसके एक साथी नरौली के अरविंद यादव को पकड़ा था। उसकी एसयूवी में दो अवैध असलहे और आठ कारतूस बरामद हुए थे।
पुलिस ने एसयूवी सीज करने के साथ ही दोनों आरोपियों का चालान कर दिया था। कुछ दिन बाद मुटुन जेल से छूटा था। जेल से बाहर आने के बाद राजकुमार ने इलाके में अपना प्रभाव बढ़ा लिया था। पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोल रखी थी। हालांकि, परिवार गांव में चर्चित है। लगभग तीन दशक से घर में प्रधानी चली आ रही है।