इसमें आबादी के लिहाज से नए क्षेत्र विकसित करने की योजना के चलते भू उपयोग को उसी के मुताबिक तय किया जा रहा है। पिछले आठ साल में जनसंख्या भी बढ़ी है। बढ़ी आबादी के हिसाब से बुनियादी सुविधाओं के विकास का खाका बनाया जा रहा है। विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार महायोजना में रिंग रोड से लेकर भविष्य में शहर से जुड़ने वाले क्षेत्र को शामिल किया गया है।
इसमें फुलवरिया फोरलेन, इंटर मॉडल स्टेशन, सारनाथ में प्रो पुअर प्रोजेक्ट, ट्रांसपोर्ट नगर, पीएम आवास, ऊंदी गांव में विकास कार्य, नेशनल हाईवे, घाट किनारे विकास कार्य, गोइठहां व रमना एसटीपी, विश्वनाथ कॉरीडोर, दशाश्वमेध स्थित टूरिस्ट काम्पलेक्स आदि शामिल किए जा रहे हैं। नगर निगम में शामिल गांवों के किनारे शहरी सीमा के निर्धारण और खेती योग्य जमीन का भी चिह्नांकन होना है।
वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन
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विकास प्राधिकरण के नक्शे में शहर के बफर जोन भी शामिल किए जाएंगे। इसमें ऐसे इलाके हैं, जहां वर्तमान में तो खाली स्थान हैं, मगर भविष्य में आबादी बढ़ने की संभावना है। उन्हें बफर जोन में शामिल कर निजी बिल्डर्स की मदद से सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव भी हो सकता है।
वीडीए उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण ईशा दुहन ने कहा कि ड्राफ्ट महायोजना पर आई आपत्तियों व सुझावों पर अध्ययन किया जा रहा है। हम नए क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं के साथ महायोजना को तैयार कर रहे हैं। 15 सितंबर तक इसे लागू किया जाएगा।
महायोजना 2031 को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। अमृत योजना के तहत सजरा नक्शे के आधार पर संपत्तियों का विवरण ऑनलाइन उपलब्ध होगा। उससे लोग लैंड यूज देख सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा, जो संपत्तियों की खरीद-बिक्री करने से पहले वीडीए कार्यालय में सजरा नक्शा के आधार पर लैंड यूज देखने आते हैं। अब लोग अपने लैपटॉप, स्मार्ट फोन पर ही इसे देख सकेंगे।