वाराणसी। केंद्रीय संचार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज गांव के लोग स्मार्ट फोन यूज कर रहे हैं। उनके फेसबुक और ट्विटर पर एकाउंट हैं। डिजिटल क्रांति का इससे बड़ा उदाहरण दूसरा क्या हो सकता है। कहा कि जनसुविधा केंद्र से ई-गवर्नेंस का सपना साकार हो रहा है। देश के हर न्याय पंचायत में जनसुविधा केंद्र (कामन सर्विस सेंटर) खोला जाएगा। इन केंद्रों पर बैंकिंग और बीमा सेवा के साथ ही ई- कॉमर्स की सुविधाएं भी मिलेंगी। अब गांव के लोगों को पैन कार्ड, पासपोर्ट, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कागजात बनवाने के लिए शहर नहीं आना होगा।
बीएचयू के स्वतंत्रता भवन सभागार में मंगलवार की दोपहर आयोजित ‘ग्रामीण उद्यमिता में जनसुविधा केंद्र की भूमिका’ विषयक सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश बदलता है, बदलने वाला चाहिए। देश को बदलने के लिए हमने डिजिटल इंडिया के तहत एक रैपिड एक्शन फोर्स तैयार की है। यही फोर्स देश के ढाई लाख जनसुविधा केंद्रों का संचालन कर रही है। इन केंद्रों पर तैनात वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि आज एक जनसुविधा केंद्र पर चार से पांच लोग कार्यरत हैं। यहां काम बहुत हैं। कई नई सेवाएं जुड़ रही हैं। ऐसे में कम से कम दस लोगों की एक केंद्र पर जरूरत होगी। इस तरह आज की तारीख में केवल जनसुविधा केंद्र से 25 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने बताया कि टाटा कसंल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) एवं सीमेंस जैसी नामीगिरामी कंपनियों से करार हुआ है। जनसुविधा केंद्र से प्रशिक्षित युवाओं को इन कंपनियों में रोजगार का अवसर मिलेगा। साथ ही आईआईटी के छात्रों को अब गांव में ऑनलाइन पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। इसके लिए सुपर-30 जैसे देश के अग्रणी संस्थान से करार हुआ है।
कंप्यूटर शिक्षा के साथ ही साथ जनसुविधा केंद्र पर कौशल विकास का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां मोबाइल फोन, टीवी, रेफ्रीजरेटर समेत अन्य इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों की मरम्मत की ट्रेनिंंग दी जाएगी। प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को देश दुनिया की नामी गिरामी कंपनियों में रोजगार का अवसर प्रदान किया जाएगा। बताया कि सीएससी का अपना ई-कॉमर्स पोर्टल है। इस पोर्टल से आगरा का मशहूर पेठा और जूता बेचा जा रहा है। साथ ही कश्मीर घाटी के जाफरान (केसर) की भी ऑनलाइन बिक्री हो रही है। जल्द ही अन्य शहरों के मशहूर उत्पादों को भी पोर्टल से बेचा जाएगा।
केंद्रीय संचार मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डेढ़ लाख जनसुविधा केंद्र खोलने की योजना है। एक केंद्र पर कम से कम पांच लोगों को रोजगार मिलेगा। बताया कि इन केंद्रों के जरिए दिव्यांगों, दलितों, वंचितों एवं महिलाओं को कंप्यूटर साक्षर बनाया जाएगा।
जनसुविधा केंद्र के जरिए खुद आर्थिक रूप से मजबूत होने और दूसरों को रोजगार देने वाली तीन महिलाओं को केंद्रीय मंत्री ने मंच से पुरस्कृत किया। हरदोई की वंदना तिवारी, सोनभद्र की माधवी मौर्य एवं वाराणसी की सपना सिंह को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। तीनों ही वीएलई ने यहां अपने अनुभव साझा कर शाबाशी बटोरी। इनके अलावा जनसुविधा केंद्र से सर्वाधिक पासपोर्ट बनवाने वाले गुलजार अहमद, राजेश कुमार गुप्ता, पैन कार्ड बनवाने वाले अमरीश कुमार, रेल टिकट बनवाने वाले अमित गुप्ता, बैंक ट्रांजेक्शन करने वाले सुजीत सिंह, आधार कार्ड बनवाने वाले सुनील कुशवाहा व शिवकुमार मौर्य, जीवन बीमा करने वाले विवेक जैन व विवेक कुमार को भी पुरस्कृत किया गया।