वाराणसी। कपड़े के शोरूम और दुकानें खुलनी शुरू हो गई हैं। ग्राहकों की आवाजाही पहले की तरह नहीं है। हालांकि जिन दुकानों में ग्राहक आ रहे हैं उनकी पहले थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज के बाद ही अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। ट्रायल रूम को सैनिटाइज किया जा रहा है। बहुत से ग्राहक ट्रायल करने से भी कतरा रहे हैं। कुछ ग्राहक अगर ट्रायल कर भी रहे हैं तो उन कपड़ों को सैनिटाइज करने के बाद ही वापस रैक में रखा जा रहा है। कुछ शोरूम में तो ट्रायल पर रोक भी लग गई है।
काशी रेडीमेड गारमेंट्स एसोसिएशन के अनुसार शहर में रेडीमेड वस्त्रों के 1300 फुटकर और 200 थोक विक्रेता हैं। लगभग 1500 कारोबारी हैं। जिनमें 40 से 50 बड़े कारोबारी और बाकी छोटे व्यवसायी है। सभी के प्रतिष्ठानों पर कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर पोस्टर और अन्य सावधानियां चस्पा हैं। बगैर मास्क व गमछा के किसी को भी दुकान के अंदर प्रवेश करने की इजाजत नहीं है। सिगरा, रथयात्रा सहित अन्य इलाकों के कपड़े के कई शोरूम में ट्रायल पर रोक लगा दी गई है।
घट गई है कपड़े की बिक्री
अल्टरनेट खुल रहे बाजारों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। कपड़े के शोरूम और छोटी-बड़ी दुकानों में ग्राहकों के इंतजार में पूरा दिन दुकानदारों का निकल जा रहा है। पहले जिन दुकानों की बिक्री रोजाना 25 से 30 हजार हुआ करती थी, अब 5 हजार भी नहीं हो पा रही है। दुकानदारों के अनुसार पूर्वांचल के जिलों से ग्राहक नहीं आ रहे हैं। गर्मी और लगन सीजन का माल भी डंप पड़ा हुआ है।
सभी कपड़ा कारोबारियों को कहा गया है कि संक्रमण से बचाव के तहत ही दुकानदारी करें। ट्रायल के बाद कपड़ों को सैनिटाइज करने के बाद ही वापस रैक में रखें। कुछ शो रूम में तो ट्रायल पर भी रोक लगा दी गई है। - श्रीनारायण खेमका, संरक्षक, काशी रेडीमेड गारमेंट्स एसोसिएशन
दुकानों में अभी ग्राहकों की आवाजाही बहुत कम है। फिर भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइज के बाद ही ग्राहकों को प्रवेश दिया जा रहा है। कर्मचारियों की भी रोजाना थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। - अशोक जायसवाल, कपड़ा कारोबारी, गोदौलिया