भोजपुरी सिनेमा के सुपर स्टार और दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष सांसद मनोज तिवारी मृदुल शाहरुख खान के बुलावे पर लंदन में चल रहे अतंरराष्ट्रीय भोजपुरी फिल्म अवार्ड समारोह(बाइफा) को बीच में ही छोड़कर सोमवार दोपहर काशी आ गए।
मनोज ने कहा कि हिंदी सिनेमा के बादशाह शाहरुख खान ने उन्हें मुंबई में नहीं, बनारस में बुलाकर अपने साथ खड़ा किया। यह उनका नहीं, 24 करोड़ भोजपुरी भाषियों का सम्मान है। इससे भोजपुरी सिनेमा को नई संजीवनी मिल गई है।
अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान मनोज तिवारी भोजपुरी सिनेमा में आ रही गिरावट पर चिंतित नजर आए। कहा, हमारी भोजपुरी की जो पहचान है। हमारी भाषा, शैली की जो मिठास है और इसमें जो संस्कार, भाव रचे-बसे हैं, उसे अज्ञानी लोग मिलकर क्षीण कर रहे हैं।
वह चाहते हैं कि भोजपुरी फिल्मों के लिए अच्छे गीत लिखे जाएं। संस्कार, मर्यादा और परंपरा पर आधारित पारिवारिक कहानियों पर फिल्में बनें।
साथ ही संकेत दिए कि इसकी शुरुआत होने वाली है।
बताया, जल्द ही वह यूपी-बिहार के गांवों की चुनी हुई कहानी पर आधारित भोजपुरी फिल्म लेकर आएंगे। उनकी इच्छा है कि भोजपुरी सिनेमा समाज के दर्पण के रूप में जाना जाए।
दावे के साथ कहा-भोजपुरी 2019 से पहले संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल हो जाएगी। भारत सरकार ने भोजपुरी फिल्म फेस्टिवल कराकर इसकी पृष्ठभूमि तैयार कर दी है।