रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने शनिवार को वाराणसी-बलिया रेल खंड पर चल रहे विद्युतीकरण, दोहरीकरण तथा अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान रेल राज्य मंत्री ने औडि़हार में डेमू शेड तथा ट्रैक्शन सब स्टेशन का को देखा और इनके निर्माण से होने वाले विभिन्न लाभों के विषय में क्षेत्रीय जनता तथा नई-दिल्ली से आए प्रेस प्रतिनिधियों को विस्तार से बताया।
इस दौरान मनोज सिन्हा ने औडि़हार यार्ड में विद्युतीकरण के निमित्त नवनिर्मित पावर ट्रैक्शन सब स्टेशन का भी लोकार्पण किया। इसके बाद रेल राज्यमंत्री गाजीपुर सिटी स्टेशन से सड़क मार्ग होते हुए गंगा नदी पर पहुंचे और ताड़ीघाट- मऊ नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत तैयार हो रहे निर्माणाधीन रेल कम सड़क पुल का गहन निरीक्षण किया।
उन्होंने गंगा नदी में नौकायन कर निर्माण कार्य की समीक्षा की साथ ही नियत समय दिसम्बर 2019 तक पुल को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्माण होने का विश्वास दिलाया। उन्होंने बताया कि 14 नवंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पुल का शिलान्यास किया था।
रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों को कम समय में उच्च तकनीकी का इस्तेमाल कर फाउंडेशन वर्क (पाइलिंग) कार्य पूरा करने के लिए धन्यवाद दिया।
इसके बाद गाजीपुर घाट में गर्डर फैब्रिकेशन शॉप का निरीक्षण किया औऱ प्रतिनिधियों को इसकी पुल निर्माण में उपयोगिता के विषय में व्यापक जानकारी दी। इसके बाद वह अधिकारियों संग निरीक्षण स्पेशल से विंडो ट्रेलिंग करते हुए बलिया रेलवे स्टेशन पहुंचे।
केबिल गिरा, मनोज सिन्हा की ट्रेन आधे घंटे रुकी
बलिया में मनोज सिन्हा
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इसके बाद बलिया से स्पीड ट्रायल निरीक्षण करते हुए वापस लौटे और सारनाथ से एयरपोर्ट और फिर दिल्ली चले गए। स्पेशल ट्रेन से विंडो ट्रेलिंग के दौरान मेंबर ट्रैक्शन घनश्याम सिंह, महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे राजीव अग्रवाल, आरवीएनएल (रेल विकास निगम लिमिटेड) के सीएमडी सतीश अग्निहोत्री मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी एस के झा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी उपस्थित रहे।
वहीं वाराणसी-गाजीपुर रेलखंड पर विद्युतीकरण और दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। विंडो निरीक्षण करने रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा विशेष ट्रेन से गाजीपुर सिटी स्टेशन आ रहे थे। उनकी विशेष ट्रेन सैदपुर से नंदगंज के लिए बढ़ी, तभी ओएचई केबिल ढीला होकर गिर गया।
इसके चलते विशेष ट्रेन को रोक देना पड़ा। इसके बाद विद्युतीकरण के कार्य में जुटे रेल कर्मियों ने तार खोलकर हटाया, तब जाकर ट्रेन रवाना हुई। इस दौरान विशेष ट्रेन करीब आधे घंटे खड़ी रही।