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लॉकडाउन ने फलो के राजा आम को कर दिया डाउन

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वाराणसी। लॉकडाउन के चलते फलों के राजा आम की आवक इस बार जिले में बेहद कम है। पहड़िया मंडी सहित अन्य प्रमुख मंडियों के आढ़ती चिंतित हैं। इस पिछले साल के मुकाबले आधा कारोबार भी नहीं हो पा रहा है। पिछले साल इस समय रोजाना मंडियों में 200 टन की खपत होती थी। इस साल 50 टन आम की भी मांग नहीं है। इस समय बाजार में दक्षिण भारत से बैंगन फली, तोतापरी, गुलाब खास की आवक अधिक है। कुछ लखनऊ बेल्ट से लंगड़ा आम की आवक शुरू हुई है। आढ़तियों के अनुसार एक जून से लंगड़ा और दशहरी की आवक भरपूर होने की उम्मीद है। बाजार में इस समय लंगड़ा आम 80 से 120 रुपये, बैंगन फली व तोतापरी 60 से 70 और गुलाब खास 80 से 90 रुपये किलो है।
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बनारस में सबसे पहले दक्षिण भारत का ही आम आता है। कच्चे आम को यहीं तीन से चार दिन में पकाकर आढ़ती पूर्वांचल सहित बिहार, झारखंड और नेपाल तक की मंडियों में बेचते हैं। दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू के वारांगल, चेन्नई सहित हैदराबाद के आसपास आम का उत्पादन बहुत अच्छा होता है। दक्षिण भारत से तोतापरी, लाल गुलाब, बैंगन फली, संतन, गुलाब खास अप्रैल में आते हैं। इसके अलावा मई की शुरूआत में उड़ीसा से लंगड़ा, दशहरी, पश्चिमी बंगाल और बिहार के भागलपुर से भी आम आता है। आम कारोबारियों के अनुसार पैकेजिंग और लोडिंग की समस्या के चलते बाहर से पर्याप्त माल नहीं आ पा रहा है। गाड़ी वालों का भाड़ा भी दोगुना है।
इन जगहों से आता है आम
मई के अंतिम सप्ताह में शाही आम तैयार होते हैं, इसमें लंगडा, दशहरी, फदली, चौसा प्रमुख हैं। बनारस का लंगड़ा, प्रतापगढ़, रायबरेली, बाराबंकी, फैजाबाद, मलिहाबाद, संदिला, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद का आम जून, जुलाई तक आता है। जुलाई से अगस्त के बीच में देहरादून सहित पहाड़ी इलाकों से भी आम की आवक होती है। लीची की आवक भी अब धीरे-धीरे शुरू हो गई। वेस्ट बंगाल और बिहार, झारखंड के विभिन्न इलाकों से पहड़िया मंडी में लीची आ रही है। फुटकर में 70 से 80 रुपये किलो लीची की बिक्री हो रही है। फल विक्रेताओं के अनुसार इस बार लीची की आवक भी देर से हुई।
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मौसम की गड़बड़ी और लॉकडाउन के चलते आम के आवक पर प्रभाव पड़ा है। तोड़ाई, पैकेजिंग, लोडिंग के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। वहीं बनारस सहित पूर्वांचल की मंडियों में मई के पहले सप्ताह में ही आम आ जाता था। इस बार बहुत देर हुआ। -किशन सोनकर, अध्यक्ष, वाराणसी प्रगतिशील सब्जी-फल व्यवसायी संघ
इस बार आम की आवक बहुत कम है। लॉकडाउन के चलते आम की आवक पर प्रभाव पड़ा है, जो आम मई के पहले सप्ताह में आता था, अब वो जून के पहले सप्ताह में आने की संभावना है। गाड़ियों का भाड़ा भी बढ़ा है। -डॉ श्याम नारायण सिंह कुशवाहा, सब्जी फल व्यवसायी आढ़ती कल्याण समिति
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