वाराणसी। मंडुवाडीह स्टेशन को टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा। बरेली जंक्शन की पूर्वांचल से जुड़ी कुछ ट्रेनें यहीं से चलाई जाएंगी। मंडुवाडीह स्टेशन पर ककरमत्ता की तरफ दूसरा प्रवेश द्वार, वाशिंग लाइन, नए प्लेटफार्म बनाए जाने हैं। यह जानकारी शुक्रवार को पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने दी।
भटनी से वाराणसी सिटी तक रेल संसाधनों और यात्री सुविधाओं का जायजा लेने के बाद जीएम ने यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया।
महाप्रबंधक ने कहा कि यात्री सुविधाओं के विकास के लिए पूर्वोत्तर रेलवे को रेल बजट 2015-16 में 88 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जो पिछले वित्तीय वर्ष की अपेक्षा 46 करोड़ रुपये ज्यादा हैं। इससे यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। बताया कि मंडुवाडीह से छपरा के बीच 220 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य तीन साल में पूरा कर लिया जाएगा।
जबकि, बनारस सिटी से औडि़हार के बीच दोहरीकरण का कार्य मार्च 2016 तक पूरा करने की तैयारी है। उन्होंने ऐसे किसी प्रस्ताव से इनकार किया जिसमें कैंट स्टेशन और काशी रेलवे स्टेशन को पूर्वोत्तर रेलवे में शामिल किए जाने की बात हो। उन्होंने निरीक्षण के बारे में बताया कि कई स्थानों पर पेयजल की आपूर्ति का साधन हैंडपंप है।
वहां पाइप लाइन बिछाने और आवश्यक संसाधन मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने को कहा गया है। जीएम के साथ सीआरएस पीके वाजपेई, डीआरएम सतीश कुमार कश्यप, सीओएम जीडी पांडेय, पीसीई ओपी अग्रवाल, चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर आरके शर्मा, सीपीआरओ आलोक सिंह, जन संपर्क अधिकारी अशोक कुमार उपस्थित रहे।