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मंडुवाडीह स्टेशन की निगरानी करेगा ड्रोन

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वाराणसी। सांस्कृतिक नगरी काशी में यात्रियों की सुरक्षा पर रेलवे अधिक ध्यान दे रहा है। नामकरण के बाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा चाक चौबंद बनाने को लेकर मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर तमाम प्रयास व प्रयोग किए जा रहे हैं। प्लेटफार्मों से लेकर यात्री हाल तक 56 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं अब और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की तैयारी हैं। यह कैमरे स्टेशन के बाहरी हिस्सों जैसे सर्कुलेटिंग एरिया और कुछ प्लेटफॉर्म नंबर एक की तरफ लगने वाले हैं। यात्रियों की भीड़ बढ़ने से पूर्व सब कुछ ठीक ठाक रहा तो स्टेशन की निगरानी ड्रोन कैमरे से होगी। बहुत जल्द कैंट रेलवे स्टेशन को ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए आरपीएफ़ मुख्यालय में सभी तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
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पूर्वोतर रेलवे के टॉप स्टेशनों में शुमार मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का अभी हाल ही में नाम बदलकर बनारस किया गया है। एक से आठ नंबर तक प्लेटफार्म और एयरपोर्ट जैसा लुक, सबसे बड़ा सर्कुलेटिंग एरिया मंडुवाडीह का है। यहां ट्रेनों की संख्या भी बढ़ गई है तो इसकी सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। हाई रेवोल्यूशन वाले सीसीटीवी कैमरे लगाएं गए हैं। प्लेटफार्म से लेकर यार्ड तक की पल-पल की गतिविधियों को कैद करने के लिए ड्रोन कैमरे की सहायता ली जाएगी।
कैसे काम करेगा ड्रोन
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार आधुनिक तकनीक वाले ड्रोन को संचालित करने के लिए जवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जवान मोबाइल या रिमोट से ड्रोन का संचालन करेंगे और प्लेटफॉर्म से खड़े होकर यह पता लगा सकेंगे कि दूर यार्ड में क्या गतिविधियां है। 100 फीट की ऊंचाई और 500 मीटर दूर तक कि निगरानी संभव हो सकेगी। समस्त गतिविधियां ड्रोन में रिकॉर्ड रहेंगी।
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मंडुवाडीह स्टेशन की निगरानी को 56 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोन के लिए मुख्यालय से मांगे गए प्रस्ताव को भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही ड्रोन उपलब्ध करा दिया जाएगा। जिसके आते ही स्टेशन से यार्ड तक की निगरानी आसानी से की जा सकेगी। --ऋषि पांडेय, कमांडेंट, आरपीएफ़, पूर्वोतर रेलवे
कैंट स्टेशन की सुरक्षा भी होगी चुस्त, लगेंगे 43 और कैमरे उतर रेलवे के कैंट रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त किया जा रहा है। 75 सीसीटीवी कैमरे से हो रही स्टेशन की निगरानी के लिए अब 43 औऱ कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे सर्कुलेटिंग एरिया से लेकर स्टेशन के अन्य पॉइंट पर लगाए जाएंगे। स्टेशन पर डोर मेटल डिटेक्टर, लगेज स्कैनर आदि लगाया जा चुका है। जहां आरपीएफ़ जवान बराबर निगरानी में रहते हैं।
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