गोली लगते ही महेंद्र लहूलुहान होकर बाइक समेत सड़क पर गिर गए। रास्ते पर खून फैल गया। कॉलोनी के लोग आनन-फानन में पास के अस्पताल में ले गए, वहां से रेफर होने के बाद लोग सिंह मेडिकल लेकर गए, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। लोग सारनाथ थाने पर शव रखकर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग उठाने लगे।
लालपुर-पांडेयपुर, चौबेपुर, चोलापुर की फोर्स भी वहां पहुंची और करीब दो घंटे के मान मनौव्वल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पिता से मिली तहरीर पर पुलिस ने तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम मौके से बरामद .30 और .32 बोर के कारतूस और खून से सना चश्मा अपने साथ ले गई।
पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार की सुबह 9 बजे महेंद्र गौतम बुद्धा सिटी स्थित अपने घर से करीब डेढ़ किमी दूर प्लॉट दिखवाने के लिए सिंहपुर गांव के अरिहंतनगर कॉलोनी पहुंचे। इस कॉलोनी को उन्होंने ही प्लॉटिंग करके बसाया था। पहले से रेकी कर बदमाश भी पीछे-पीछे वहां पहुंचे।
थल सेना के रिटायर्ड अधिकारी सुनील यादव के घर बाहर बने ब्रेकर से पहले बाइक की रफ्तार कम हुई तो मुंह बांधे बदमाशों ने चलती बाइक से ही सिर्फ एक मीटर दूरी से पिस्टल से ताबड़तोड़ तीन राउंड फायर कर दिया। वारदात के दौरान सड़क से गुजर रही महिला चिल्लाकर लोगों को बुलाने लगी। वहां मौजूद लोग उन्हें अपनी गाड़ी से अस्पताल लेकर भागे। कॉलोनी से लेकर घटनास्थल तक तीन से चार थानों की पुलिस और कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत कई आईपीएस भी पहुंचे।