उन्होंने कहा कि अगले माह तक हर हाल में सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। बैठक में लोक निर्माण विभाग को उन्होंने कार्यों को समय से पूर्ण कराकर परिषद को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने श्री काशी विश्वनाथ धाम की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी और बताया कि परिसर में भवनों के संचालन के लिए ई-टेंडर के माध्यम से कार्य शुरू हो चुका है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने श्रद्धालुओं के लिए की गई मंदिर की व्यवस्था के बारे जानकारी दी। बैठक में पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में आम श्रद्धालुओं और नेमी दर्शनार्थियों को जब गर्भगृह में प्रवेश मिला तो भक्तों ने हर-हर महादेव का जयघोष लगाया। लंबे समय के बाद रामनवमी के दिन बाबा विश्वनाथ का गर्भगृह में दर्शन करके श्रद्धालु भी बेहद प्रसन्न नजर आए। अभी तक आम श्रद्धालुओं का गर्भगृह में प्रवेश बंद था।
रामनवमी को मंगला आरती के बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति मिल गई। मंगला आरती के बाद शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। कोरोना काल में बाबा विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में भक्तों का प्रवेश बंद किया गया था।
हालांकि बीच-बीच में अनुमति दी जाती रही। विश्वनाथ धाम के लोकार्पण से कुछ दिन पहले से ही प्रवेश पुन: बंद कर दिया गया था, जिससे नेमी और आम श्रद्धालुओं में रोष था। अब दोबारा प्रवेश की अनुमति मिलने के बाद भक्त गर्भगृह में जाकर बाबा का अभिषेक कर सकेंगे।