नंदलाल ने गोलू को बचा तो लिया लेकिन खुद पोखरे में डूब गया। इसकी जानकारी होने पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हो गए। सूचना पर विधायक सुरेंद्र सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि मंटन वर्मा, कोतवाल संजय त्रिपाठी और चौकी इंचार्ज बैरिया धीरेंद्र सिंह भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
आसपास के लोगों के काफी प्रयास के बाद जब नंदलाल का शव नहीं निकाला जा सका। इसके बाद कोतवाल ने रेवती एसओ से गोताखोरों को भेजने का आग्रह किया। विधायक ने सीओ उमेश कुमार व पुलिस कप्तान देवेंद्र नाथ से गोताखोरों की व्यवस्था कराने को कहा, गोताखोरों के पहुंचने से पहले ही लगभग तीन बजे नंदलाल के शव को लोगों ने पोखरे से निकाला।
लोग नंदलाल को सोनबरसा स्थित अस्पताल में ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नगर पंचायत प्रतिनिधि मंटन वर्मा ने कहा खाकी बाबा पोखरे के चहारदीवारी में गेट लगाया जा रहा था, जिसे रोक दिया गया। अगर गेट लग गया होता तो इस तरह का हादसा नहीं हुआ होता।