इसमें दस्तावेजों में गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी। जांच के दौरान पता चला कि सभी नौ छात्रों के प्रमाणपत्र फर्जी हैं। इसके बाद मुख्यालय के लिपिक शाहिद अली निवासी गोरी, खमरिया की शिकायत पर 20 सितंबर को सभी नौ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के लिए रुपये लेने वाले गिरोह के सरगना शुभम सिंह निवासी जिगना, मिर्जापुर को 24 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।
पूछताछ में गिरोह के एक अन्य सदस्य संजय दुबे निवासी जासा, विंध्याचल, मिर्जापुर का नाम सामने आने पर उसको भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस विवेचना में सुरेश चंद्रा का नाम भी सामने आया। प्रभारी स्वाट टीम एवं थाना ज्ञानपुर पुलिस टीम ने शुक्रवार को सुरेश चंद्रा निवासी आनंद विहार पहाड़िया जिला वाराणसी, हाल पता ई- 35 अशोक वैली कॉलोनी थाना नवाबाद जिला झांसी को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया। एएसपी ने बताया कि अब तक मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।