खिचड़ी का पर्व व मकर संक्रांति का स्नान, दान प्रात: काल से मध्याह्न काल तक किया जा सकेगा। पं. मालवीय ने बताया कि इस बार संक्रांति की शुरुआत रोहिणी नक्षत्र में हो रही है। यह बेहद उत्तम है। संक्रांति के दिन से ही शुभ कार्य विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश व धार्मिक कार्य आरंभ हो जाएंगे।
मकर संक्रांति के दिन जप, तप, दान और पवित्र नदियों में स्नान का महत्व है। प्रात: काल सूर्योदय के समय सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर पूजन करें। सूर्य को लाल वस्त्र, गेहूं, गुड़, मसूर की दाल, लाल पुष्प, नारियल, दक्षिणा अर्पित करें। ब्राह्मणों को चावल, उड़द की दाल, तिल, कंबल, घी, दक्षिणा का दान करें। इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।