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ये काटा, वो काटा भक्काटा के शोर के बीच खूब उड़ी पतंगें, देखें बनारस की खूबसूरत तस्वीरें

Wed, 15 Jan 2020 08:08 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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अस्सी घाट पर पतंग उड़ाती महिला। - फोटो : अमर उजाला।
मकर संक्रांति के अवसर पर काशी में पतंगबाजी लोगों के सिर चढ़कर बोली। वो काटा... वो काटा... हुर्रेर्रेर्रे की आवाजें दिनभर गूंजती रहीं। मानों समूचा शहर छतों पर जा चढ़ा हो। दिनभर डीजे और ढोल की धुनों के बीच शहर भर में पतंगबाजी की धूम रहीं। युवक-युवतियों के बीच पेंच लड़ाने का क्रेज देखते ही बना। हर पतंग के कटने पर सिर्फ एक ही आवाज गूंजी भाक्काटा...।
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धूप के साथ परवान चढ़ा पतंगबाजी का रंग
आसमान में सूर्य की लालिमा फूटने के साथ मकर संक्रांति पर घरों में चहल पहल शुरू हो गई थी। स्नान करने के बाद बच्चे अपनी-अपनी पतंगों के साथ घर के छतों पर डट गए तो कई मैदानों में दोस्तों के साथ मिलकर पतंगबाजी के हुड़दंग में मशगूल रहे। धूप खिलने के साथ पतंगबाजी का रंग और परवान और चढ़ा। हर ओर रंग-बिरंगी पतंगे तितलियों की भांति आसमान में थिरकती दिखाई दीं।
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डीजे पर बजते रहे फिल्मी गीत
सुबह आठ बजे से छतों पर डीजे की धुन पर वह काटा वह मारा की गूंज पूरे दिन तक जारी रही। कई जगहों पर युवा डीजे की धुन पर थिरकते नजर आए। छत पर पतंग उड़ा रहे युवाओं ने खूब सेल्फियां ली और उसे सोशल मीडिया पर दोस्तों के साथ शेयर करते रहे।

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गंगा पार रेत पर सजी युवाओं की टोलियां
मकर संक्रांति उल्लास, उमंग और उत्साह घरों और मैदानों तक ही सीमित नहीं था, युवाओं की टोलियों ने गंगा किनारे भी इकट्ठा होकर पतंगबाजी का लुत्फ उठाया। गंगा किनारे पतंगबाज कभी-कभी पतंग को नदी के सतह तक ले आते थे और अचानक फिर से मंझे पर झटका देते ही आसमान की ओर उड़ान भर लेती थी।
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विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में पतंगबाजी
घर से दूर हास्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं ने भी पतंगबाजी का खूब आनंद उठाया। छात्र-छात्राओं में एक दूसरे की पतंग काटने की होड़ मची थी। विभिन्न आकृतियों के साथ राजनेताओं के चित्रों वाली पतंग युवाओं को खूब पसंद आई।
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