बलिया से लोकसभा चुनाव लड़ रहे मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश चंद्र उपाध्याय ने कांग्रेस नेताओं के इशारे पर 2008 मालेगांव धमाके के आरोपियों को यातनाएं देने का आरोप लगाया है। धमाके के आरोपियों में से एक मेजर उपाध्याय ने दावा किया कि ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द कांग्रेस और एनसीपी ने मिलकर गढ़ा था।
अखिल भारत हिंदू महासभा के उम्मीदवार मेजर उपाध्याय ने शनिवार को कहा कि तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, अहमद पटेल, पी चिदंबरम, सुशील कुमार शिंदे और दिग्विजय सिंह के आदेश पर हम सभी को यातनाएं दी गईं। इसके कारण 12 में से 11 आरोपी ठीक से चल भी नहीं पाते। इतना ही नहीं, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को नग्न किया गया और महाराष्ट्र एटीएस के तत्कालीन चीफ हेमंत करकरे ने उन्हें बुरी तरह पीटा। इस कारण प्रज्ञा ठाकुर को व्हील चेयर का सहारा लेना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जब भी किसी पुलिसकर्मी की मौत होती है तो उन्हें शहीद का दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए। शहीद का दर्जा केवल स्वतंत्रता सेनानी और सैनिकों को मिलना चाहिए। मेजर ने भाजपा को भी स्वार्थी पाटी बताया। इससे पहले, भाजपा की टिकट पर भोपाल से दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था कि आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे की मौत उन्हें प्रताड़ित करने और उनके श्राप के कारण हुई थी। हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान के लिए माफी मांग ली थी।