बीएचयू में 21 सितंबर को छात्रा के साथ छेड़खानी होने के बाद 23 सितंबर को लाठीचार्ज की घटना से उपजे तनाव के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय परिसर मे बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
इसके तहत जहां पूरा प्राक्टोरियल बदला जा रहा है वहीं अब कैंपस में क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) का गठन किया गया है। चार सदस्यों वाली यह टीम सबसे पहले घटना स्थल पर पहुंचेंगी और अधिकारियों के पहुंचने के बाद वहां से हटेगी।
इसके अलावा हॉस्टलों के पास बैरियर लग रहा है और स्पीड ब्रेकर भी बनवाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। बीएचयू में रात को छात्राओं पर लाठीचार्ज, आगजनी, पत्थरबाजी आदि घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा हुआ है।
मामला दिल्ली में हुई ईसी की बैठक में पहुंचा तो वहां भी प्राक्टोरियल बोर्ड के साथ ही हॉस्टल की वार्डेन पर सहमति बनी। चीफ प्राक्टर के इस्तीफे के बाद अब पूरा प्राक्टोरियल बोर्ड बदला जा रहा है।
नई चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह नई टीम तैयार करने में लग गई हैं। उनका कहना है कि टीम में सर्वाधिक संख्या महिलाओं की होगी। कुलपति की मुहर लगने के बाद जल्द ही टीम की घोषणा कर दी जाएगी। कैंपस में घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई के लिए क्यूआरटी का गठन किया गया है।
महिला महाविद्यालय चौराहा, एलडी गेस्ट हाउस समेत चार जगहों पर टीम रहेगी और सूचना मिलने पर सबसे पहले घटना स्थल पर पहुंचकर जायजा लेगी। जब अधिकारी वहां पहुंच जाएंगे तब टीम के सदस्य आ जाएंगे। घटना की सूचना हेल्पलाइन नंबर 0542-2369134 पर दी जा सकती है।
परिसर में महिला महाविद्यालय, त्रिवेणी हॉस्टल सहित अन्य हॉस्टलों के पास बैरियर लगाया जा रहा है। अब इधर से आने जाने वालों को बैरियर से होकर ही गुजरना पड़ेगा। इसके पीछे हॉस्टलों के पास बाहरी लोगों के आने जाने पर प्रतिबंध लगाना भी वजह माना जा रहा है।
कैंपस की हर गतिविधि पर गृह मंत्रालय और मानव संसाधन मंत्रालय की नजर है। स्थानीय खुफिया एजेंसियों की ओर से हर दिन की रिपोर्ट भेजी जा रही है। इसमें जिला और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
विश्वविद्यालय परिसर में अब रात में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। चीफ प्राक्टर ने बताया कि परिसर की कालोनियों के साथ ही कुछ संवेदनशील और चिन्हित स्थानों पर ज्यादा नजर रहेगी।