वाराणसी। लॉकडाउन के दौरान फंसे बिहार के 22 जनपदों के 1900 लोगों को रविवार की सुबह संस्कृत यूनिवर्सिटी के खेल मैदान से रवाना किया गया। सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और बीच सफर के लिए सभी को भोजन पैकेट, बोतल बंद पानी दिया गया। इस दौरान घर जाने की खुशी यात्रियों की आंखों में साफ झलक रही थी। कुछ ने अधिकारियों के पैर छूने चाहे, हालांकि अधिकारियों ने ऐसा करने से मना करते हुए श्रमिकों को भोजन और पानी की बोतल थमाते हुए शुभ यात्रा की कामना की। रोडवेज की 60 बसों से यात्रियों को जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा और एडीएम सिटी विनय सिंह ने रवाना किया।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक बस में सोशल डिस्टेंसिंग के तहत 30-30 लोगों को बैठाया गया। झारखंड के भी 126 लोगों को 4 बसों से भेजा गया, ये 126 लोग आसपास के अन्य जनपदों से चलकर वाराणसी पहुंच गए थे। उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों के 90 व्यक्तियों को तीन बसों के माध्यम से उनके जनपद में भिजवाया गया।
बिहार के छूटे हुए लोग आज जा सकते हैं घर
शहर में फंसे बिहार के लोगों के लिए सोमवार को घर जाने का अच्छा मौका है। सुबह 6 से 8 बजे के बीच चौकाघाट स्थित संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी के खेल मैदान से 1500 लोगों को लेकर रोडवेज की बसें रवाना होंगी। डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि जो व्यक्ति छूट गए हैं वो भी जा सकते हैं। बस सेवा पूरी तरह से नि:शुल्क है। बिहार के कैमूर व भभुआ से आगे की व्यवस्था बिहार प्रशासन द्वारा की जाएगी। बिहार राज्य के अलावा किसी भी अन्य प्रदेश का कोई व्यक्ति ना पहुंचे क्योंकि अन्य किसी भी प्रदेश के लिए कोई व्यवस्था संस्कृत यूनिवर्सिटी खेल मैदान से नहीं की जाएगी। डीएम ने बताया कि शहर में फंसे विभिन्न राज्यों और यूपी के विभिन्न जनपदों के लिए जारी विशेष ई-पोर्टल को अब बंद किया जा रहा है।