बीएचयू में यूजी और पीजी एडमिशन की प्रक्रिया बंद हो गई है। मेन कैंपस में सीटें फुल हो चुकी हैं। चार चरण की काउंसिलिंग और दो मॉपअप राउंड के बाद भी चारों संबद्ध काॅलेजों को मिलाकर यूजी की 300 और पीजी की 125 सीटें हैं। अब बची हुई सीटों पर कोई माॅपअप राउंड नहीं होगा।
बीएचयू में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की 16 हजार से ज्यादा सीटें हैं। बीएचयू ने भले ही एडमिशन की प्रक्रिया बंद कर दी है, लेकिन अभी भी कई अभ्यर्थी इंतजार में बैठे हैं। अब वो वेटिंग लिस्ट तक ही सीमित रह जाएंगे। उम्मीद थी कि फिजिकल माॅपअप होगा, लेकिन अब संभावनाएं खत्म हैं। नया एकेडमिक कैलेंडर जारी होने वाला है और जनवरी में पहले सेमेस्टर की परीक्षा करा ली जाएगी।
मेन कैंपस न मिलने पर मायूसी: जानकारी के अनुसार, मॉपअप राउंड के दौरान मेन कैंपस न मिलने से मायूस कई अभ्यर्थियों ने फीस जमा नहीं की। कई ने तो एडमिशन ही कैंसिल करा लिया। अब कॉलेजों में यूजी-पीजी की मिलाकर 425 सीटें खाली ही रह जाएंगी। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एनके मिश्रा ने बताया कि एडमिशन की प्रक्रिया अब पूरी तरह से बंद कर दी गई है। आदेश है कि अब फाइल बंद कर दी जाए। मेन कैंपस में सीटें बची भी नहीं हैं।