कुलपति प्रो. त्यागी ने बताया कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ जल्द ही फिशरीज (मछली पालन) से संबंधित कोर्स का भी संचालन करने जा रही है। काशी विद्यापीठ के भैरव तालाब परिसर में यह पाठ्यक्रम आरंभ होंगे। इसके अलावा रिवर्स इंजीनियरिंग प्रोसेस के तहत नैक में अव्वल रहने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नैक की बेहतरीन श्रेणी पाने के किये रिसर्च पेपर, प्रोजेक्ट, फीडबैक पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। इसके अलावा 15 जुलाई से परीक्षाओं के सभी इंतजाम मुकम्मल हो चुके हैं।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में संबद्धता व नए पाठ्यक्रम की मान्यता के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पिछले सत्र में कोरोना संक्रमण के कारण संबद्धता और मान्यता के मामले लटक गए थे। विश्वविद्यालय ने दोबारा इसकी प्रक्रिया शुरू की तो 20 से अधिक आवेदन विश्वविद्यालय को प्राप्त हुए हैं। संभावना है कि नए सत्र में एक और महाविद्यालय विश्वविद्यालय से संबद्ध हो सकता है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय से जुड़े महाविद्यालयों की संख्या 316 पहुंच जाएगी। अधिकांश नए पाठ्यक्रम के संचालन के लिए आवेदन आए हैं। वहीं मिर्जामुराद में एक महाविद्यालय की संबद्धता के लिए भी आवेदन किया गया है।
कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय में ऑनलाइन जमा किए गए प्रस्तावों के भूमि संबंधी अभिलेखों का राजस्व विभाग द्वारा 15 जुलाई तक सत्यापन कराया जाएगा। 22 जुलाई तक एनओसी आदेश जारी किया जाएगा।
इसके बाद संस्था द्वारा निरीक्षण मंडल गठन के लिए 26 जुलाई तक आवेदन किया जाएगा और 30 जुलाई तक निरीक्षण मंडल का गठन हो जाएगा। निरीक्षण मंडल मौके पर जाकर जांच करने के बाद अपनी आख्या 10 अगस्त तक पेश करेगा। विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन संबद्धता प्रदान करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त है। इसके बाद शासन में अपील करने की अंतिम तिथि 24 अगस्त और अपील निस्तारित करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में केंद्र निर्धारण की सूची जारी होने के बाद आपत्तियां आनी शुरू हो गई हैं। विश्वविद्यालय को भेजी गई आपत्तियों में कहीं दूरी का बहाना बनाया गया है तो किसी ने कोविड प्रोटोकॉल का हवाला दिया है। वहीं कुछ महाविद्यालयों ने परीक्षा केंद्र बनाने पर हाथ खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को केंद्रों की अंतिम सूची विश्वविद्यालय पर अपलोड कर दी जाएगी।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में परीक्षाओं के लिए पांच जिलों में 159 केंद्र बनाए गए हैं। वहीं केंद्रों की सूची वेबसाइट पर अपलोड होते ही महाविद्यालयों ने आपत्तियां दर्ज करानी शुरू कर दी हैं। पहले ही दिन करीब 13 महाविद्यालयों ने तो दूसरे दिन बृहस्पतिवार को सात महाविद्यालयों ने मेल के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई है। इसमें मुख्य रूप से महाविद्यालय से केंद्रों की दूरी को लेकर है।
दो महाविद्यालयों ने परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है। वहीं एक महाविद्यालय ने कहा है कि भीड़ के कारण वह कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने में अक्षम है। ऐसे में विश्वविद्यालय के सामने ऐसे केंद्रों पर नए सिरे से विचार करना होगा। कुलपति प्रो. एके त्यागी ने बताया कि आपत्तियों का निस्तारण करते शुक्रवार को केंद्रों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।