वाराणसी। जनप्रतिनिधियों ने आम के बारे में पूछा तो अधिकारियों ने इमली के बारे में जानकारी दी। इस तरह का मामला शनिवार को कमिश्नरी में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में देखने को मिला। इस समिति के अध्यक्ष सांसद पीएम नरेंद्र मोदी हैं। बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति के उपाध्यक्ष चंदौली सांसद व केंद्रीय मंत्री डा. महेंद्र नाथ पांडेय ने अधिकारियों को फटकार लगाई।
प्रभारी जिलाधिकारी सीडीओ गौरांग राठी को निर्देश दिया गया कि बैठक की कार्यवृत्ति दस दिन के भीतर बनवाई जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे बनारस में रहे या फिर दिल्ली में। बैठक की कार्यवृत्ति की फाइल पर आदमी भेजकर दस्तखत कराई जाए। केंद्रीय मंत्री ने पीएमजीएसवाई के अधीक्षण अभियंता एके भदौरिया से पूछा कि कैसे लिखा गया कि किसानों ने आपत्ति की है। कहां जमीन उपलब्ध नहीं है। इस पर इंजीनियर बगली झांकने लगे। प्रेमचंद मार्ग के क्वालिटी की जांच कराई जाए। इसमें बीएचयू आईटी के लोगों को शामिल किया जाए।
बैठक में जनप्रतिनिधियों के रूप में प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, शिक्षक विधायक चेतनारायण सिंह, एमएलसी अशोक धवन, विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, विधायक नीलरतन पटेल नीलू, पीएम के संसदीय कार्यालय के प्रभारी शिवशरण पाठक के अलावा अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
राज्यमंत्री के सवाल पर जल निगम ने दिया गलत जवाब
बैठक में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल के सवाल का जवाब जल निगम के अधिकारियों ने गलत दिया। राज्यमंत्री ने सवाल पूछा कि संकठानगर कालोनी के चार शिकायतकर्ताओं के घर पानी की आपूर्ति हुई है कि नहीं। इस पर जल निगम ने जवाब दिया कि हां हो गई है। इस पर मंत्री ने कहा कि शिकायकर्ताओं के घर फोन करके तस्दीक की जाए तो जल निगम के इंजीनियर बगली झांकने लगे।
शिक्षक विधायक के सवाल को घुमाने पर बीएसए को लताड़
शिक्षक विधायक चेत नारायण सिंह ने सवाल पूछा कि यूपी कालेज के पास स्थित पानी की टंकी की क्या स्थिति है। इसके बारे में जल निगम के अधिकारी सही जवाब नहीं दे पाए। इस पर केंद्रीय मंत्री ने गलत रिपोर्टिंग करने वाले अपर नगर मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण तलब करने को कहा। नवोदय विद्यालय में प्रति छात्र 48 रुपये और आश्रम पद्धति के विद्यालय में प्रति छात्र 75 रुपये मिल रहा है। बावजूद इसके आश्रम पद्धति के विद्यालय में खराब खाना मिलने का मामला शिक्षक विधायक ने उठाया। इस पर बीएसए को लताड़ पड़ी पड़ी। बीएसए को भी निर्देश दिया गया कि जो सवाल किया जाए जवाब उसी का दिया जाए।