आगामी सत्र के लिए 67 करोड़ 80 लाख के सापेक्ष 76 करोड़ 16 लाख का बजट पेश किया गया। इसके कारण 2021-22 में विद्यापीठ को आठ करोड़ 36 लाख का घाटा होने की संभावना है। सत्र 2022-23 के लिए अनुमानित आय 71 करोड़ 86 लाख के सापेक्ष 127 करोड़ 23 लाख के व्यय का प्रावधान किया गया है। इसके कारण विद्यापीठ को 55 करोड़ 37 लाख का घाटा होने की संभावना है।
काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि शिक्षकों को तकनीकी रूप से धनी बनाना हमारा लक्ष्य है ताकि नई शिक्षा नीति के अनुरूप काम कर सकें। तभी हम प्रधानमंत्री के सपनों का भारत बना सकेंगे।
वह शुक्रवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च व विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित फै कल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। पांच दिवसीय कार्यक्रम में 390 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। 14 विद्वानों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए कंप्यूटर प्रौद्योगिकी सहायता प्राप्त शिक्षण उपकरण पर विचार व्यक्त किए।