इस बार महाशिवरात्रि पर जब तक नागा साधु बाबा के दर्शन करेंगे तब तक श्रद्धालुओं को बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ेगा। सुबह के समय श्रद्धालुओं की लाइन को कुछ देर तक रोककर नागा साधुओं को बाबा के दर्शन कराए जाएंगे।
महाशिवरात्रि पर सात अखाड़ों की दो अलग-अलग पेशवाई निकलेगी। अखाड़ों में शामिल करीब दो हजार नागा साधु श्रीकाशी विश्वनाथ के दर्शन करेंगे। मंदिर के सीईओ ने विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन बड़ी संख्या में अखाड़ों के नागा साधु दर्शन करने आएंगे। इसलिए कुछ घंटों के लिए आम लोगों के लिए दर्शन-पूजन बाधित रहेगा। ऐसे में जब तक नागा साधु दर्शन-पूजन नहीं कर लेते, तब तक आम भक्तों की लाइन रुकी रहेगी।
जूना अखाड़े की पेशवाई हनुमान घाट से, आवाहन की दशाश्वमेध घाट से और अग्नि अखाड़े की पेशवाई राजघाट से निकलेगी। ये तीनों अखाड़े गोदौलिया पर मिलेंगे। वहीं से बाबा दरबार में हाजिरी लगाएंगे। इसमें ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, सुमेरू पीठाधीश्वर नरेंद्रानंद सरस्वती सहित अखाड़ों के तमाम महामंडलेश्वर, श्रीमहंत, महंत और सभापति शामिल होंगे।
वहीं, महानिर्वाणी के साथ अटल अखाड़ा शिवाला से पेशवाई निकाली जाएगी। महानिर्वाणी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद महाराज की अगुवाई में पेशवाई निकलेगी। वहीं, शिवाला से ही निरंजनी अखाड़े के साथ आनंद अखाड़ा पेशवाई में शामिल होगा।