अयोध्या जन्मभूमि पर श्रीराम मंदिर के लिए न्यास के गठन की तैयारियों के बीच संत समाज में विवाद बढ़ गया है। अयोध्या में हमले के बाद तपस्वी मठ के निष्कासित महंत परमहंस दास शनिवार को काशी पहुंचे।
श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास पर आरोप लगाते हुए महंत परमहंस दास ने कहा कि काशी में भी उनके गुंडे लगातार पीछा कर रहे हैं। जब वह बीएचयू के पास पहुंचे तो शुभचिंतकों ने जानकारी दी कि महंत के गुंडे यहां पर उनका इतंजार कर रहे हैं। तब मैंने सोचा कि पहले जान बचाओ, जिंदा रहेंगे तो राम का नाम लेंगे।
उन्होंने बताया कि इसलिए मैंने प्रेसवार्ता निरस्त कर दी और मैं अज्ञातवास पर चला आया हूं। अगर मैं समय से नहीं भागता तो मेरी हत्या करा दी जाती। महंत के गुंडे कभी भी हमारी हत्या कर सकते हैं। जब तक पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलेगी, मैं अयोध्या वापस नहीं जाऊंगा। मेरे गुरु सर्वेश्वर दास बहुत सीधे-साधे हैं। उन्होंने इन लोगों के दबाव में मुझे निष्कासित किया है। शनिवार को अमर उजाला से परमहंस दास ने कहा कि न्यास के अध्यक्ष हमारी बढ़ती हुई प्रतिष्ठा से परेशान हैं।