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हद है : मंडुवाडीह चौराहे से BLW तक किराया 1200, पर्यटकों को लूट रहे ऑटो-टोटो चालक; खूब काट रहे चांदी

Mon, 17 Feb 2025 04:14 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

काशी में दिनोंदिन भीड़ बढ़ती ही जा रही है। इसका फायदा ऑटो और टोटो चालक उठा रहे हैं। पर्यटकों से मनमाना किराया वसूले जा रहे हैं। कुछ किलोमीटर की दूरी का सैकड़ों हजारों रुपये ले लिए जा रहे हैं।
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मैदागिन पर टोटो का जाम। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जिले में ई-रिक्शा, ऑटो और टैक्सी वाले आस्था में अवसर तलाश रहे हैं। महाकुंभ के पलट प्रवाह से बनारस में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है, लेकिन सड़क पर जबरदस्त लूटपाट देखने को मिल रही है। 

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मंडुवाडीह चौराहे से बीएलडब्ल्यू का किराया 1200 रुपये मांगा जा रहा है। इसके अलावा कैंट से विश्वनाथ मंदिर का किराया भी 1200 से 2000 रुपये तक मांग रहे हैं। पर्यटकों को बताया जा रहा है यहां पहुंचने में ढाई घंटे का समय लगेगा। मजबूरी में कुछ पर्यटक मनमाना किराया दे रहे हैं, जबकि कुछ मोलभाव करके कुछ कम करवा रहे हैं। लोगों को मजबूरी में ज्यादा किराया देना पड़ रहा है।

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15 दिनों में केवल 52 वाहनों पर कार्रवाई
आरटीओ विभाग की तरफ से मुख्य चौराहों से मुख्य पर्यटन स्थलों तक जाने हेतु ऑटो-रिक्शा व ई-रिक्शा के अधिकतम किराये का निर्धारण जिला प्रशासन द्वारा किया गया था। इसके बाद भी मनमाना किराया लाने वाले ई-रिक्शा, टैक्सी और ऑटो पर रोक नहीं लग पा रही है। पिछले 15 दिनों में विभाग ने केवल 52 वाहनों पर कार्रवाई की है। हालांकि विभाग का दावा है कि अधिकारी शहर में चौराहे पर घूम-घूमकर कार्रवाई कर रहे हैं।

बीकानेर से एक परिवार महाकुंभ में स्नान के बाद सीधे प्रयागराज से वाराणसी पहुंची। कलेक्ट्री फार्म पर बस से उतरने के बाद परिवार वाले गंगा स्नान, आरती और श्री काशी विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए ई-रिक्शा किया। चालक ने 900 रुपये किराया बताया। इसके बाद परिवार वाले दूसरे रिक्शा के पास गए तो उसने 1100 रुपये बता दिया। परिवार वालों ने टैक्सी वाले से बात किया तो उन्हें 1500 रुपये बताया। परिवार वालों को मजबूरी में 900 रुपये देकर जाना पड़ा।

दिल्ली से श्रीवास्तव फैमिली वाराणसी घूमने आई थी। उन्होंने मैदागिन के पास होटल बुक कर रखा था। कैंट स्टेशन पर उतरते ही ऑटो वाले से मैदागिन चलने के लिए कहा। ऑटो ने 1500 रुपये किराया मांगा। फैमिली ने कहा ज्यादा है, लेकिन वह कम करने को तैयार नहीं था। इसके बाद उन्होंने पास पुलिस वाले से बात की। पुलिस वाले के डांटने के बाद ऑटो वाला 800 रुपये में मैदागिन ले गया। 

शहर के प्रमुख चौराहों पर अधिकारी भ्रमण कर रहे हैं। अगर शहर में ई-रिक्शा, टैक्सी और ऑटो वाले पर्यटक से अधिक पैसा लेते हैं तो पर्यटक उसका वीडियो बनाकर आरटीओ विभाग को जानकारी दे सकते हैं। सही साक्ष्य मिलने के बाद विभाग उस ई-रिक्शा, टैक्सी और ऑटो चालक के खिलाफ तुंरत कार्रवाई करेगा। - मनोज वर्मा, आरटीओ प्रवर्तन, वाराणसी
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