महाशिवरात्रि पर काशी में श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
कॉरिडोर बनने के 5 साल पहले साल 2016 में 3 लाख, 2017 में 2.25 लाख, 2018 में 1.8 लाख, 2019 में 5 लाख, 2020 में 2 लाख, 2021 में 2.5 लाख लोगों ने दर्शन किए थे। 2021 में कॉरिडोर बनने के बाद 2022 में 6 लाख, 2023 में 7 लाख,2 024 में 8.50 लाख लोग शिवरात्री पर दर्शन के लिए पहुंचे थे।
इसे भी पढ़ें; Maha Shivratri 2026: विश्वनाथ धाम में चार किमी लंबी लाइन, दो लाख भक्तों ने किए दर्शन; गूंज रहा हर- हर महादेव
सड़क और जिगजैग बैरिकेडिंग से तीन किलोमीटर पैदल चलकर लोग मंदिर पहुंचे। चार पहर की आरती हुई। लगातार 45 घंटे बाबा ने दर्शन दिए। मंगला आरती के बाद से लाइन में लगे भक्तों पर पुष्पवर्षा की गई। छह द्वारों से भक्तों को कॉरिडोर और मुख्य मंदिर में प्रवेश कराया गया।
काशीवासियों को मकर द्वार से अलग लाइन से दर्शन करने को मिला। मोर पंख की माला और मौर पहनाकर महादेव को दूल्हे के रूप में सजाया गया। 63 मंदिरों से आए प्रसाद से बाबा को भोग लगाया गया।