मंदिर के प्रवेश द्वार से श्रद्धालु केवल पात्र में जल या दूध लेकर ही अंदर जा सकेंगे और यह मंदिर के बाहर लगे पात्र में अर्पित किया जा सकेगा। भक्तों की पूजन सामग्री को प्रसाद के रूप में ही प्रवेश द्वार से वितरित किया जाएगा।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए पूजन सामग्री को बाबा के गर्भग़ृह तक नहीं ले जाने का निर्णय लिया गया है। भक्तों की पूजन सामग्री को महादेव को अर्पित कराने के बाद उसे प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की मौजूदगी में काशी विश्वनाथ धाम को चमकाने के लिए 50 से ज्यादा सफाई टीमें गठित की जाएंगी। यह टीम हर आधे घंटे पर निर्धारित स्थानों की सफाई करती रहेगी। ताकि निर्माल्य या किसी अन्य चीजों से भक्तों को असुविधा नहीं हो।
काशी विश्वनाथ धाम में बने कंट्रोल रूम से पूरे परिक्षेत्र की निगरानी कराई जाएगी। यहां से सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को निर्देश देते रहेंगे और भीड़ नियंत्रण के लिए भी समय-समय पर जानकारी साझा करते रहेंगे।