मारकंडेय महादेव मंदिर में दर्शन के लिए लगी भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को गेट नंबर एक ढुंढिराज गणेश, छत्ताद्वार से, गेट नंबर पांच अपारनाथ मठ के सामने से प्रवेश कराया जा रहा था। झांकी दर्शन के बाद श्रद्धालु गेट नंबर तीन नीलकंठ और गेट नंबर दो सरस्वती फाटक से निकल रहे थे। सुबह भक्तों की कतार ज्ञानवापी से होते हुए चौक थाने से आगे मैदागिन को छू रही थी तो दूसरी कतार बांसफाटक, गोदौलिया से होते हुए दशाश्वमेध, गिरजाघर से मजदा तक पहुंच गई। 11 बजे तक चौक की तरफ से आने वाली श्रद्धालुओं की कतार सामान्य हो गई।
श्रद्धालुओं को मिली राहत
मंदिर प्रशासन की ओर से दिव्यांग और बुजुर्गों को सीधे गेट नंबर एक से प्रवेश दिया जा रहा था। बुजुर्गों के लिए मंदिर प्रशासन की तरफ से व्हील चेयर की व्यवस्था की गई थी। जगह-जगह श्रद्धालुओं को पानी पिलाने की व्यवस्था की गई थी। चिकित्सा व्यवस्था का भी इंतजाम मंदिर प्रशासन की ओर से चौक और गोदौलिया पर किया गया था। इस दौरान काफी संख्या में चोटिल और बीमार भक्तों का इलाज किया गया।
श्रद्धालुओं से करें मानवीय व्यवहार
कंट्रोल रूम से महाशिवरात्रि पर भक्तों के साथ मानवीय व्यवहार करने का संदेश गूंजता रहा। एसपी ज्ञानवापी सुकीर्ति माधव मिश्रा लगातार चक्रमण करते रहे।
सामाजिक संस्थाओं ने निभाई भागीदारी
शिवभक्तों की सेवा में बुलानाला से गोदौलिया तक दर्जन भर स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी योगदान किया। कोई भक्तों को चाय पिला रहा था तो कोई फलाहार करा रहा था। कोई पानी लेकर लगातार भक्तों को पिलाने में लगा हुआ था।
शिवभक्तों के पैरों में चुभे शूल
गोदौलिया से दशाश्वमेध मार्ग खराब होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी। प्रशासन ने मंदिर में प्रवेश वाले रास्ते पर तो रेडकार्पेट बिछवाया था लेकिन निकास मार्ग खराब होने के कारण नंगे पैर पहुंचे श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी। खराब रास्ते में पड़े हुए छोटे-छोट पत्थर पैरों में चुभ रहे थे। गोदौलिया से दशाश्वमेध की तरफ जाने वाले भक्त प्रशासन को कोसते रहे।