वाराणसी। राजकीय संप्रेषण गृह रामनगर से फरार हुए किशोर के मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। 25 नवंबर तक अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) की न्यायालय में किसी भी कार्य दिवस में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज करा सकते हैं।
सारनाथ निवासी किशोर राजकीय संप्रेक्षण गृह में 12 अक्तूबर से था। 27 अक्तूबर की शाम को करीब 6:55 बजे फरार हो गया था। इस मामले में जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया। जांच के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) को नामित किया। जांच अधिकारी बनाए गए अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) सुरेंद्र बहादुर सिंह नेेे बताया कि घटना के संबंध में कोई भी 25 नवंबर तक अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) के न्यायालय में किसी कार्य अवधि में उपस्थित होकर बयान दर्ज करा सकता है।