सीर गोवर्धन में माघी पूर्णिमा पर मनाई जाने वाली संत रविदास की जयंती की तैयारियां दोगुने उत्साह से शुरू हो गई हैं।
इस बार दुनिया के करीब 20 से अधिक देशों से गुरु के जन्मस्थान पर हाजिरी लगाने के लिए अनुयायियों का जमावड़ा लगेगा। देश के कोने-कोने से रविदासिया धर्म को मानने वाले यहां पहुंचेंगे।
इस बीच जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीर गोवर्धन पहुंचने की सुगबुगाहट से मंदिर प्रबंधन का उत्साह बढ़ गया है। संत रविदास पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के सेक्रेटरी सत्यपाल विरदी के मुताबिक प्रधानमंत्री को आमंत्रण भेजा गया था, जिसे उन्होंने कबूल कर लिया है।
संत रविदास पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन डेरा सचखंड बल्ला के संत निरंजन दास महाराज के निर्देशन में पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचकर पीएम को जयंती में आने का न्यौता दिया।
इसमें संत रविदास मंदिर के पुजारी मंदीप दास भी शामिल थे। ट्रस्ट के सेक्रेटरी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने 22 फरवरी को माघी पूर्णिमा के दिन मुख्य समारोह में पहुंचने का भरोसा दिलाया है।
इससे आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों और संत रविदास के अनुयायियों में उत्साह का संचार हो गया है। सीर गोवर्धन गांव में आयोजन स्थल पर 22 से अधिक राज्यों के पंडाल लगने शुरू हो गए हैं।
इस बार समय रहते रविदास मंदिर जाने वाली सड़कों को दुरुस्त कराने के प्रयास भी शुरू हो गए हैं। चौबीस घंटे, बिजली-पानी की सुविधा पंडालों में रहेगी।