पूर्णिमा पर नदियों में देवता भी करते हैं स्नान
धर्मग्रंथों और पुराणों के अनुसार सतयुग से लेकर कलियुग तक सभी युगों में माघ मास की पूर्णिमा का महत्व रहा है। क्योंकि, माघ मास में श्रीहरि जल में निवास करते हैं। इस मास की पूर्णिमा के दिन देवलोक से देवता भी पृथ्वी पर आकर पवित्र नदियों और संगम में स्नान करते हैं।
माघी पूर्णिमा के दिन गंगा में पांच डुबकी लगाने का विशेष महत्व है। गंगा में पहली डुबकी लगाने से शरीर की शुद्धि होती है। दूसरी से मन की शुद्धि, तीसरी से कर्मों की शुद्धि, चौथी से विचारों की शुद्धि और पांचवीं डुबकी लगाने से आत्मा की शुद्धि होती है। इसका संबंध पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश यानी पंच तत्वों हैं।
आज से चलेंगी 25 स्पेशल ट्रेनें
झूंसी और रामबाग प्रयागराज के लिए पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल की ओर से 25 स्पेशल ट्रेनें बुधवार को चलाई जाएंगी। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि माघी पूर्णिमा 05109 बनारस-झूंसी मेला स्पेशल बनारस से सुबह 8 बजे, 05105 बनारस-प्रयागराज रामबाग मेला दोपहर 12.30 बजे, 05111 बनारस-झूंसी मेला शाम 4.45 बजे, 05107 बनारस-प्रयागराज रामबाग मेला रात 8.30 बजे समेत अन्य ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर चलेंगी। बलिया, मऊ, गाजीपुर आदि स्टेशनों से होते हुए सिटी, बनारस होकर ट्रेनें आवाजाही करेंगी।