इस दिन साधु, महात्मा तथा ब्राह्मणों के सेवन के लिए अग्नि प्रज्ज्वलित करना चाहिए तथा उन्हें कंबल आदि का दान करना चाहिए। इस दिन गुड़ में काला तिल मिलाकर लड्डू बनाना चाहिए तथा उसे लाल वस्त्र में बांधकर दान देना चाहिए। स्नान-दान के अलावा इस दिन पितरों का श्राद्ध भी किया जाता है।