36 साल पहले फर्जीवाड़ा कर दोनाली बंदूक का लाइसेंस लेने के मामले में आरोपी माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) अवनीश गौतम की अदालत में सुनवाई हुई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बांदा जेल से मुख्तार अंसारी की पेशी के बीच अभियोजन पक्ष की ओर से बहस पूरी कर ली गई। अदालत ने बचाव पक्ष की बहस के लिए अगली तिथि 16 जनवरी नियत की है।
सीबीसीआईडी के अभियोजन अधिकारी उदय राज शुक्ल और एडीजीसी विनय कुमार सिंह ने बहस की। कहा कि इस मामले में सुनवाई के दौरान प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और डीजीपी ने बयान में मुख्तार अंसारी के असलहे के लाइसेंस में अपना हस्ताक्षर होने से इंकार किया है। तत्कालीन आयुध लिपिक और मुख्तार अंसारी की साजिश से असलहा लाइसेंस लेने में धोखाधड़ी की गई। तत्कालीन आयुध लिपिक की मौत हो चुकी है और अब सिर्फ मुख्तार इस मामले में आरोपी है।
मुख्तार की ओर से बांदा जेल से लिखित बयान जेल अधीक्षक के जरिये कोर्ट में भेजा गया। कहा गया कि इस मामले में साजिश करने का आरोप है। जबकि, साजिश करने वाला ऐसा कोई नहीं है, जिसके खिलाफ मुकदमा चल रहा हो। कहा कि वह निर्दोष है और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण मुकदमा दर्ज करा कर आरोपी बनाया गया है। कोर्ट में बहस के दौरान मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता श्री नाथ त्रिपाठी, आदित्य वर्मा और राकेश मिश्रा मौजूद रहे।