अतीक के प्रतिनिधि ने वाराणसी आकर उसका नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। अतीक को उम्मीद थी कि कोई न कोई प्रमुख राजनीतिक दल उसे समर्थन और सिंबल जरूर देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
प्रयागराज के उमेश पाल अपहरण कांड में उम्रकैद की सजा से दंडित माफिया अतीक अहमद ने वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव वाराणसी से लड़ा था। जेल में रहते हुए नामांकन पत्र दाखिल कराया था। अतीक अहमद को 833 मत मिले थे।
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वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान माफिया अतीक अहमद प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में बंद था। अतीक ने उस दौरान घोषणा की थी कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ेगा। अतीक के प्रतिनिधि ने वाराणसी आकर उसका नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। अतीक को उम्मीद थी कि कोई न कोई प्रमुख राजनीतिक दल उसे समर्थन और सिंबल जरूर देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
चुनाव लड़ने के लिए अदालत से पैरोल भी नहीं मिल सकी। इसके बाद अतीक ने पत्र जारी कर चुनाव मैदान से हटने की घोषणा की थी। मगर, तब तक देर हो चुकी थी। अतीक का नामांकन पत्र वापस नहीं हो पाया था। चुनावी मैदान से हटने के एलान के बाद भी उसे मत मिले थे।