पीड़िता ने पुलिस को बताया कि बुधवार को उसे जानकारी मिली की आरोपी मदरसा प्रबंधक पराड़कर भवन में प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहा है। इस पर उसने जैतपुरा थानाध्यक्ष को फोन कर कहा कि आरोपी को प्रेस कांफ्रेंस करने से रोका जाए। जैतपुरा थानाध्यक्ष ने उसकी बात अनसुनी कर दी तो वह अपनी सहकर्मी शिक्षिकाओं के साथ पराड़कर भवन गई।
वहां उसका नकाब खींच कर शील भंग किया गया। इसके साथ ही मारपीट कर धमकी दी गई। इस संबंध में इंस्पेक्टर कोतवाली अश्वनी चतुर्वेदी ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर रिजवान अहमद सहित दो के खिलाफ छेड़खानी और मारपीट सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
रिजवान अहमद ने महिला के आरोपों को बेबुनियाद बताया। कहा कि उनका नियुक्ति संबंधी आवेदन गलत भरा गया था। इसलिए नियुक्ति कमेटी ने उसे निरस्त कर दिया था। उसके बाद से ही वह तरह-तरह के आरोप लगा रही हैं। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान महिला ने अन्य महिलाओं के साथ अनावश्यक हंगामा कर हमें चप्पल से मारा।