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Varanasi News: ट्रायल में फेल हो गईं घाट की सफाई के लिए मंगाई गई मशीनें, अब पुराने तरीके से शुरू हुआ काम

Thu, 17 Oct 2024 12:02 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी जिले में बाढ़ के बाद घाटों की सफाई चुनौती बनी हुई है। वजह ये है कि घाट की सफाई के लिए मंगाई गई मशीनें ट्रायल में फेल हो गईं। ऐसे में अब पुराने तरीके से घाटों की सफाई शुरू हुई। वहीं 10 नवंबर तक सभी घाटों की सफाई का लक्ष्य रखा गया है। 
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वाराणसी गंगा घाट - फोटो : रोहित सोनकर
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विस्तार
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देव दीपावली 15 नवंबर और छठ पूजा 7 नवंबर को मनाई जाएगी। इसके पहले गंगा घाटों की सफाई नगर निगम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। हाल ही में ट्रायल के तौर पर लखनऊ से मंगाई गई मशीन से घाट की सफाई कराई गई, लेकिन यह मशीन कारगर नहीं हुई। इसे देखते हुए नगर निगम अब पुराने तरीके से मोटर पंप लगाकर घाटों पर जमी सिल्ट को गंगा में बहा रही है।

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हर साल बाढ़ के बाद गंगा घाटों पर हजारों टन मिट्टी जम जाती है। जिसे साफ करवाने में नगर निगम को कम से कम एक माह का समय लग जाता है। पक्का घाट होने के कारण यहां जेसीबी ले जाना खतरनाक होता है। इसे देखते हुए यहां मजदूर लगाकर मैनुअल सफाई कराई जाती है। पहले कचरा साफ किया जाता है। इसके बाद मिट्टी को हटाने का काम शुरू होता है।

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पिछले दिनों एक कांट्रेक्टर ने मशीन से सफाई कराने की बात नगर निगम से की थी। निगम ने ट्रायल के तौर पर उसे घाटों की सफाई का जिम्मा दिया, लेकिन मशीन कारगर नहीं हुई तो दस दिन के भीतर ही निगम ने उन्हें वापस भेज दिया। अब प्रमुख घाटों पर मोटर पंप लगाकर घाटों पर जमी मिट्टी को हटवाया जा रहा है। गंगा आरती वाले घाट दशाश्वमेध, शीतला, ललिता, अस्सी घाट पर मिट्टी जमा है।

क्या बोले अधिकारी 
पूजा वाले सभी गंगा घाट 5 नवंबर तक साफ हो जाएंगे। इसके बाद 10 नवंबर तक सभी 84 गंगा घाटों की सफाई हो जाएगी ताकि देव दीपावली पर किसी प्रकार की दिक्कत न हो। ट्रायल के लिए मशीन कारगर नहीं हुई तो उसे वापस भेज दिया गया है। -दुष्यंत कुमार मौर्य, अपर नगर आयुक्त नगर निगम
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