स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंपिंग सेट पर तैनात कर्मचारी परिसर की निगरानी और सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते। आरोप है कि कर्मचारी अक्सर अंदर आराम करते नजर आते हैं। इसी वजह से परिसर के आसपास अनधिकृत गतिविधियां बढ़ रही हैं। गेट के बाहर वाहनों के खड़े होने से जहां रास्ते पर अव्यवस्था पैदा हो रही है, वहीं पंपिंग सेट के भीतर लगी मशीनों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
लोगों का कहना है कि सीवेज पंपिंग सेट कोई सामान्य सार्वजनिक स्थान नहीं है। यहां तकनीकी उपकरण और महत्वपूर्ण मशीनें लगी हैं। किसी बाहरी व्यक्ति की अनियंत्रित आवाजाही या लापरवाही से मशीनों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे सीवेज व्यवस्था प्रभावित होने के साथ बड़ा हादसा भी हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से पंपिंग सेट का निरीक्षण कराने और परिसर में ठेला व वाहनों के खड़े होने पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही कर्मचारियों की ड्यूटी और निगरानी व्यवस्था की जांच कराने की भी मांग उठी है। अब देखना है कि जिम्मेदार विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है।