शीतला मंदिर में नहीं मिला दर्शन :
शीतला अष्टïमी पर शनिवार को भी मां शीतला के दर्शन भक्तों को नहीं हुए। कोरोना संक्रमण को देखते हुए दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला मंदिर को फिलहाल बंद रखा गया है। मंदिर के महंत पं. शिव प्रसाद पांडेय ने भक्तों से अपील की है कि वह घर पर ही शीतला अष्टïमी मनाएं। घर में धार, फूल और आरती करके माता से कोरोना को समाप्त करने की प्रार्थना करें। दर्शनार्थियों से आग्रह है कि वह शीतला माता का बसिअऊरा पूजन घर पर ही संपन्न करें।
शारीरिक और मानसिक रोग होते हैं दूर :
ऐसा माना जाता है कि शीतला माता भगवती दुर्गा का ही रूप है। भारतीय उपासना पद्धति जहां मनुष्य को आध्यात्मिक रूप से मजबूत करती है वहीं शारीरिक और मानसिक रोगों को दूर करने का भी इसका उद्देश्य होता है। कहा जाता है कि गर्मी के दिनों में शरीर में अनेक प्रकार के पित्त विकार भी प्रारंभ हो जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि शीतला अष्टमी का व्रत रखने से छोटी माता का प्रकोप नहीं होता। शीतला सप्तमी और शीतलाष्टमी व्रत मनुष्य को चेचक के रोगों से बचाने का प्राचीन काल से चला आ रहा व्रत है।
आयुर्वेद की भाषा में चेचक का ही नाम शीतला कहा गया है। अर्थात इस उपासना से शारीरिक शुद्ध, मानसिक पवित्रता और खान-पान की सावधानियों का संदेश मिलता
है।