श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का गर्भगृह ग्रहण के 1:30 घंटे यानी 4:29 बजे पहले बंद हो गया। ग्रहण खत्म होने के करीब आधे घंटे बाद 7:15 बजे दर्शन के लिए पट खुला। इसके बाद शयन आरती तक दर्शन के लिए भीड़ थी। कालभैरव मंदिर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के समय पर ही बंद और खुला। 51 शक्तिपीठों में एक विशालाक्षी मंदिर दोपहर 3:30 बजे, मां अन्नपूर्णा, संकठा मंदिर दोपहर दो बजे बंद हुआ। वहीं, संकट मोचन मंदिर ग्रहण के नौ घंटे पहले सुबह नौ बजे के बाद बंद हो गया। यहां सात बजे के बाद दर्शन शुरू हुआ।
7:30 घंटे बंद रहा मार्कंडेय महादेव मंदिर का कपाट
चंद्रग्रहण लगने के कारण मारकंडेय महादेव कैथी में भी दर्शन बंद रहा। दोपहर 12 बजे से शाम 7:30 बजे तक मार्कंडेय महादेव मंदिर के कपाट बंद रहे। पुजारी गौरव गिरी ने बताया कि शाम सात बजे के बाद मंदिर की साफ सफाई हुई। पूजन और अभिषेक के बाद कपाट खोला गया। शयन आरती तक दर्शन हुए। इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरों के कपाट भी चंद्रग्रहण के दाैरान बंद रहे।