कई राज्यों में पशुओं की गंभीर बीमारी का रूप ले चुकी लंपी वायरस की आहट अब वाराणसी में भी देखने को मिल रही है। हरहुआ और अराजीलाइन विकास खंड के वरुणा तटीय इलाके के गांवों में गायों में लंपी वायरस जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। कुछ पशुपालक इसे दैवीय प्रकोप मान कर पूजा पाठ कर रहे हैं तो कुछ लोग गायों का इलाज करवा रहे हैं। हालांकि पशु चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह की बीमारी को हम लंपी वायरस से ग्रसित नहीं कह सकते, पशुपालकों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
हरहुआ ब्लाक के कोईराजपुर गांव में पशुपालक गामा यादव की एक, विपत यादव की दो, कांता यादव की तीन, ललपत यादव की दो, प्रदीप सिंह की एक, विपत सिंह की एक सहित कई गायों में लंपी वायरस जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
पशुपालकों ने बताया कि पहले दिन गाय को बुखार आया और उसकी आंखों से पानी टपकने लगा। दूसरे दिन शरीर पर दाने निकलने लगे जो देखते ही देखते बड़े हो गए। कई गायों के पैर में भी समस्या है, जिससे गायें चल नहीं पा रही हैं। ऐसे में पशुपालकों का कहना है कि ये लंपी वायरस के लक्षण हैं। बृहस्पतिवार को हरहुआ ब्लाक के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष वर्मा अपनी टीम के साथ गांव में पहुंचे और पशुपालकों को जागरूक करने के साथ ही आइवरमैक्टिन व अन्य दवाओं का वितरण किए।
Lumpy Skin Virus Disease
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इन गांवों में बीमार हैं गायें
हरहुआ ब्लाक के कोईराजपुर, दासेपुर, हरहुआ, पश्चिमपुर, चमाव, भगतुपुर, अनौरा, औसानपुर, करोमा तथा अराजीलाइन ब्लाक के लोहरापुर सहित अन्य गांवों में यह बीमारी फैल चुकी है।
लंपी से संबंधित अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। शहरी क्षेत्र से विभाग के कंट्रोल रूम में कुछ फोन कॉल लंपी रोग के संबंध आए थे। इसकी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल लंपी से बचाव के लिए 50 हजार टीका मिला है। इसमें गो शालाओं की 10 हजार पशुओं को लगाया जा चुका है। - डॉ आरके सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी