नये साल से लोग ढाई हजार रुपये में वाराणसी से लखनऊ का हवाई सफर कर सकेंगे। प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों से लखनऊ के बीच विमान सेवा की शुरूआत की जाएगी। जिन शहरों में हवाई पट्टी नहीं है, वहां इसका निर्माण किया जाएगा।
वाराणसी से फिलहाल बाबतपुर एयरपोर्ट से यह सेवा शुरू होगी। भविष्य में अगर जरूरत पड़ी तो अलग हवाई पट्टी का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा रजिस्ट्री कार्यालयों को अत्याधुनिक बनाने का भी काम होगा।
ये बातें स्टांप एवं न्यायालय शुल्क, पंजीयन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहीं। वह शुक्रवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मंत्री ने कहा कि जनवरी 2018 से लखनऊ के लिए विमान सेवा शुरू करने की योजना है। यह विमान 20 सीटर होगा। सभी मंडल मुख्यालयों से लखनऊ का करने के लिए ढाई हजार रुपये किराया लगेगा। उन्होंने बताया कि वाराणसी, बरेली, आगरा और लखनऊ एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा।
जेवर एयरपोर्ट बनाने की भी योजना है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गणपति राजू से वार्ता हुई है।
वहीं, रजिस्ट्री कार्यालयों को अत्याधुनिक बनाने का भी खाका तैयार किया गया है। यह जिम्मेदारी किसी निजी कंपनी को दी जाएगी।
इसके लिए कई कंपनियों ने प्रस्ताव दिया है। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री कार्यालय पूरी तरह वातानुकूलित होंगे। वेटिंग रूम के साथ हर काम के लिए अलग-अलग पटल होंगे।
उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को कहा गया है कि वे अपने जिले के हिसाब से सर्किट रेट घटाएं और बढ़ाएं। वहीं, 100 रुपये के स्टांप पर लिखा-पढ़ी कर जमीन का व्यापार करने की प्रथा पर रोक लगाई जाएगी।