वाराणसी में छोटी उपाध्याय (20) की हत्या के आरोपी ऋषभ कुमार सिंह को सिलवासा पुलिस मंगलवार को गिरफ्तार कर दादर नागर हवेली ले गई। सिलवासा कोर्ट में उसकी पेशी होगी। पूछताछ में सामने आया कि दोनों परिवारों के मुंह मोड़ने और छोटी के घर ले जाने के दबाव में आकर ऋषभ ने उसकी हत्या की।
वारदात से पहले उसने यूट्यूब पर हत्या के तरीकों के वीडियो भी खंगाले थे। प्लास्टिक में शव को पैक कर सूटकेस में बंद करने का आइडिया उसे यूट्यूब देखने पर मिला था। साल भर पहले मंडुवाडीह क्षेत्र में नवजात की डिलिवरी के समय मौत के बाद से ऋषभ काफी आहत था और छोटी के खर्चे पर नाराज भी रहता था।
सिलवासा पुलिस के एएसआई रोहित कुमार के अनुसार, 2024 में बिहार के नेवादा से छोटी को बहला फुसलाकर ऋषभ वाराणसी भगा लाया था। उस समय छोटी नाबालिग थी और उसके परिजनों ने ऋषभ के खिलाफ नेवादा के रोह थाने में पॉक्सो, अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
छोटी को लेकर वह मंडुवाडीह थाना इलाके में आया और डेढ़ साल तक रहा। चांदपुर में फैक्टरी में काम करने लगा था। छोटी से शादी करने के बाद जब वह गर्भवती हुई तो ऋषभ ने परिजनों को सूचना दी, लेकिन कोई वाराणसी नहीं आया। छोटी के परिजन भी उसे अपनाने को तैयार नहीं हुए।
इस बीच डिलिवरी के समय नवजात की मौत हो गई। तब से ऋषभ काफी ज्यादा परेशान रहने लगा और माली हालत भी ठीक नहीं होने के कारण वह कर्ज के जाल में फंस गया। इस बीच छोटी के अनावश्यक खर्चे और शौक भी वह पूरे नहीं कर पा रहा था।
मई में ऋषभ ने तय किया कि अब छोटी को रास्ते से हटाना ही पड़ेगा। छोटी को लेकर वह दादर-नगर हवेली पहुंचा। छोटी से झूठ बोला कि फैक्टरी में अच्छा काम मिला है। मकान मालिक को दो महीने का एडवांस भुगतान कर किराये पर कमरा लिया।
मकान मालिक को बताया था कि कुछ दिन में गांव जाएंगे और 10 दिन में लौटेंगे। 9 जून की रात में सोते समय छोटी का गला दबाकर हत्या कर दी। घटना वाली रात दरवाजे पर ताला लगाकर सीधे वाराणसी पहुंचा।
छोटी की 2023 में हुई थी शादी, एक साल बाद भागी
पुलिस टीम के अनुसार, छोटी के परिजनों को उसके प्रेम संबंध के बारे में पता चल गया था। गांव के ऋषभ से प्रेम संबंध था। परिजनों ने बिहार के काशी चक में छोटी की 2023 में शादी कर दी थी। छोटी हाईस्कूल की छात्रा थी। 24 जून 2024 को छोटी आठ लाख का आभूषण लेकर अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ भा गई थी।
आधार कार्ड ने ऋषभ को पहुंचाया
हवालात दादर नगर हवेली के चॉल में कमरा लेने से पहले ऋषभ और छोटी से मकान मालिक ने आधार कार्ड जमा कराया था। सूटकेस में छोटी का शव मिला तो मकान मालिक ने पुलिस को दोनों के आधार कार्ड सौंपे।
यह था पूरा मामला
दादरा नगर हवेली में युवक ने प्रेमिका की हत्या कर दी। इसके बाद शव को किराये के कमरे के बाथरूम में सूटकेस में बंद कर भाग गया। सोमवार को प्रेमी ऋषभ कुमार सिंह को एसटीएफ वाराणसी इकाई और सिलवासा पुलिस ने मंडुवाडीह स्थित चांदपुर औद्योगिक आस्थान से गिरफ्तार किया है। वह फैक्टरी में नाम बदलकर मजदूरी कर रहा था।
दादर और नगर हवेली के सिलवासा में पत्नी छोटी उपाध्याय का शव दो महीने बाद तीन अगस्त को कमरे से सूटकेस में बरामद हुआ था। छोटी अपने पहले पति को छोड़कर प्रेमी ऋषभ के साथ भागी थी और उससे दादर नगर हवेली में शादी की थी।
ऋषभ को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर सिलवासा पुलिस दादरा और नगर हवेली ले गई। एसटीएफ वाराणसी इकाई के निरीक्षक अमित श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बिहार के नवादा स्थित रोह थाना क्षेत्र के सिउर का निवासी है।
मकान से सूटकेस के अंदर मिला था महिला का शव
तीन अगस्त को सिलवासा के टोकर खड़ा क्षेत्र में एक मकान से सूटकेस के अंदर महिला का शव मिला था। शव करीब दो महीने पुराना था और प्लास्टिक से ढका हुआ था। मकान मालिक के कमरा खोलने पर दुर्गंध आने के बाद घटना का पता चला। शव की पहचान छोटी उपाध्याय (20) निवासी नवादा, बिहार के रूप में हुई थी।
हत्या के बाद से ऋषभ कुमार सिंह सिलवासा से भागकर वाराणसी में छिपा हुआ था। वह यहां नाम बदलकर मजदूरी कर रहा था। खुफिया जानकारी के आधार पर एसटीएफ वाराणसी और सिलवासा पुलिस ने मंडुवाडीह थाना क्षेत्र स्थित चांदपुर औद्योगिक आस्थान की शुभकामना रियल टेक में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
दादरा नगर हवेली में की दोनों ने शादी
आरोपी ऋषभ को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर सिलवासा पुलिस उसे लेकर रवाना हो गई। एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ऋषभ कुमार सिंह अपने गांव की विवाहिता छोटी उपाध्याय से प्रेम करता था। छोटी की शादी होने के बाद भी वह उससे प्रेम करता रहा। छोटी के कहने पर ही वह उसे लेकर दादरा नगर हवेली भाग गया और वहीं दोनों ने शादी कर ली।
छोटी को अगवा करने के मामले में ऋषभ पर बिहार के रोह थाने में अपहरण का मामला भी दर्ज हुआ था। इस शादी का पता चलने पर दोनों के परिवार वाले नाराज हो गए और छोटी को अपनाने से इन्कार कर दिया। एसटीएफ वाराणसी इकाई के उपनिरीक्षक अंगद सिंह यादव, विनय मौर्या और रवि यादव की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।