450 मीटर की दूरी तय करेंगे पुराधिपति
356 सालों के इतिहास में पहली बार है जब बाबा की पालकी को मंदिर तक पहुंचाने के लिए साढ़े चार सौ मीटर से अधिक दूरी तय करनी होगी। पहले मंदिर और महंत आवास आमने-सामने होने के कारण 30 से 40 कदम चलना होता था। टेढ़ीनीम से साक्षी विनायक, कोतवालपुरा, ढुंढिराज गणेश, अन्नपूर्णा मंदिर होते हुए बाबा की पालकी मुख्य द्वार से विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश करेगी।
शिवांजलि में होगा रुद्रनाद
बाबा के गौने का आकर्षण शिवांजलि महोत्सव का शुभारंभ पद्मश्री डॉ. राजेश्वर आचार्य करेंगे। इस दौरान शिवांजलि में काशी के रुद्रनाद बैंड के कलाकारों द्वारा गायन, वादन और नृत्य की प्रस्तुतियां की जाएंगी। भगवान शिव को समर्पित पांच नई कंपोजिशन की रिलीजिंग भी शिवांजलि के मंच से होगी। यह जानकारी शिवांजलि के प्रबंधक संजीव रत्न मिश्र ने दी।