रविवार को रथयात्रा मेले में हर भक्त प्रभु के चरण स्पर्श करने की चाहत से पहुंचा। भगवान रथारूढ़ थे इसलिए रथ को खींचकर प्रभु चरणों के स्पर्श की अनुभूति की। किसी ने पहिये पर जोर लगाया तो किसी ने रथ में बंधा रस्सा तानकर रथ आगे बढ़ाने की रस्म निभाई। प्रभु से प्रेम का रिश्ता निभाकर भक्त भाव विह्वल हो उठे।
प्रात: 5:11 बजे पुजारी राधेश्याम पांडेय ने मंगला आरती उतारी, इसके बाद रथ रूपी मंदिर के कपाट खुल गए। प्रभु जगन्नाथ जी, बलभद्र जी एवं सुभद्रा जी को श्वेत परिधान एवं बेला की कली से शृंगार किया गया। रथ के गर्भगृह में विग्रहों के पृष्ठ भाग एवं पाटन की गुलाब एवं बेला की कलियों से सजावट थी। रथ के शिखर एवं छतरी को हरी पत्तियों एवं सफेद फूलों से सजाया गया। प्रात: छह से आठ बजे तक इस्कान की भजन मंडली ने भजन की प्रस्तुतियां दीं।
वाराणसी में रथयात्रा मेला
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संकल्प संस्था की ओर से रविवार को रथयात्रा मेले के तीसरे दिन भगवान जगन्नाथ को माखन मिश्री का भोग लगाया गया। संस्था के अध्यक्ष अनिल कुमार जैन ने संस्था के सदस्यों के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा के विग्रह का पूजन किया। उसके बाद मेले में आए श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया। वहीं कोरोना से बचाव के लिए संस्था ने मेले में आए लोगों को मास्क का वितरण भी किया गया।
लायंस क्लब की ओर से जल का वितरण
लायंस क्लब की ओर से रथयात्रा मेले में रविवार को श्रद्धालुओं को जल का वितरण किया गया। क्लब के अध्यक्ष लायंस संजीव देववंशी के नेतृत्व में सदस्यों ने रथयात्रा चौराहे पर श्रद्धालुओं में पानी का वितरण किया। इस दौरान अलंकार कुशवाहा, नितिन अग्रवाल, मुकेश पाठक, शिवकुमार चौरसिया, शिव कुमार रस्तोगी, असीम वर्मा मौजूद रहे।