काशी में पारा गिरने से गलन बढ़ रही है तो मंदिरों में भी भगवान को सर्दी से बचाने के जतन शुरू हो गए हैं। भक्तों ने भगवान गणेश को रजाई-कंबल ओढ़ाए तो राम दरबार को ऊनी कपड़े पहनाए गए। वहीं शहर के मंदिरों में आराध्य देवों को गर्म कपड़े पहनाए गए हैं।
लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर में भगवान गणेश के शृंगार में रजाई सजाई गई और भगवान गणेश को कंबल ओढ़ाया गया। वहीं दूसरी तरफ राम जानकी मंदिर में राम दरबार और राधा कृष्ण के विग्रह को गर्म कपड़े पहनाए गए। ऊनी कपड़ाें से लेकर टोपियां विग्रह को पहनाई गई हैं। भक्तों की श्रद्धा और भाव ही है जो अपने भगवान को उन्होंने गर्म कपड़े पहनाए हैं।
बड़ा गणेश मंदिर के पुजारी ने बताया कि बैकुंठ चतुर्दशी से भगवान को गर्म कपड़े पहनाना शुरू होता है जो बसंत पंचमी तक चलता है। जिस तरह से इंसान को ठंड लगती है उसी तरह देवता को भी लगती है। राम जानकी मंदिर के पुजारी देवेंद्रनाथ ने बताया कि इंसान की तरह ही भगवान को भी ठंड के कपड़ों के अलावा ज्यादा ठंड पर हीटर और ब्लोवर लगाया जाता है।