Varanasi News: पहली बार बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के काशी में दर्शन नहीं होंगे। इसकी वजह है कि 21 दिन तक भगवान बुद्ध के अस्थि कलश का वियतनाम में दर्शन-पूजन होगा।
भगवान बुद्ध के अस्थि कलश का वियतनाम में 21 दिन दर्शन-पूजन होगा। बुधवार को विधि विधान से पूजन करने के बाद अस्थि कलश रवाना कर दिया गया। प्रथम धर्म उपदेश स्थली स्थित महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के श्रीलंका मंदिर में रखे भगवान बुद्ध के अति पवित्र अस्थि अवशेष को बुधवार की सुबह लगभग 10:05 पर वियतनाम के लिए रवाना किया गया।
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बुद्ध पूर्णिमा पर नहीं होगा भगवान बुद्ध का अस्थि अवशेष दर्शन
आगामी बुद्ध पूर्णिमा को भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष के दर्शन बौद्ध भिक्षु व अनुयायी काशी में नहीं कर पाएंगे। भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष दिल्ली से दो मई को वियतनाम दर्शन के लिए जाएगा। वहां पर चार स्थलों पर भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि दर्शन कराए जाएंगे। वियतनाम से अस्थि अवशेष 21 मई को भारत वापस आएगा और इस बार बुद्ध पूर्णिमा 12 मई को मनाई जाएगी। इसलिए इस बार यहां अस्थि अवशेष के दर्शन नहीं होंगे।
उधर, अस्थि अवशेष मंदिर से निकाल कर महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के महासचिव भिक्षु पी शिवली महाथेरो के अध्यक्षता में भिक्षु डॉ. सुमिता आनंद थेरो, लुंबिनी श्रीलंका मंदिर के प्रभारी भिक्षु नंदा सहित इंटरनेशनल बुद्धिस्ट के डायरेक्टर यश सक्सेना दिल्ली ले जाने के लिए लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए।