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व्यापारी के कर्मचारी ने ही रची थी नौ लाख लूटने की साजिश

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वाराणसी। नैपुरा कलां निवासी खली-चूनी व्यापारी के दो कमर्चारियों से नौ लाख रुपये लूटने की साजिश उनके एक अन्य कर्मचारी ने ही रची थी। वारदात में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने गुरुवार की रात यह खुलासा किया। आरोपियों की शिनाख्त नैपुरा कलां के विशाल पाल व अजय उर्फ सूरज यादव, छितूपुर के शिवलाल पाल और सीरगोवर्धपुर के अक्षय उर्फ रोहित यादव के तौर पर हुई है। चारों के पास से लूटे गए नौ लाख रुपये, वारदात में प्रयुक्त दो बाइक, दो तमंचे, चार करतूस और चार मोबाइल बरामद हुआ है। खली-चूनी व्यापारी बृजेश यादव के कर्मचारी गुलाब और श्रीनारायण बीते 20 जुलाई की शाम दूध के बाल्टा में नौ लाख रुपये रख कर रथयात्रा जा रहे थे। भगवानपुर मोड़ के समीप बाइक सवार दो बदमाशों ने दोनों कर्मचारियों से बाल्टा छीन लिया था। एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी और एसपी क्राइम अजय सिंह के निर्देशन में इंस्पेक्टर लंका महेश पांडेय और क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी पांडेय की टीम वारदात के खुलासे के लिए गठित की गई थी। शुरुआत से ही प्रतीत हो रहा था वारदात में व्यापारी के किसी करीबी व्यक्ति का हाथ है। सर्विलांस, सुरागकशी और मुखबिरों की मदद से बृजेश के एक कर्मचारी व पड़ोसी विशाल का नाम सामने आया। इसके बाद मामला परत दर परत सुलझता चला गया और चारों आरोपी पकड़े गए।
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बीएचयू से चुराई बाइक और फिर बनाई लूट की योजना
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में विशाल ने कहा कि उसका दोस्त अक्षय आईपीएल में सट्टे में 20 हजार रुपये हार गया था। अक्षय ने उससे रुपये मांगे थे। इस पर विशाल ने कहा कि मैं अपने पड़ोसी बृजेश यादव का रुपया पांच-छह बार रथयात्रा स्थित कुबेर कांप्लेक्स में पहुंचा चुका हूं। प्रत्येक बार पांच-छह लाख रुपये रहता है। यदि उसे लूट लिया जाए तो काफी पैसा मिल सकता है। इसके साथ ही विशाल ने यह भी बताया कि जब गुलाब और श्रीनारायण पैसा लेकर निकलेंगे तो मैं बता दूंगा। इसके बाद विशाल ने बीएचयू कैंपस से अपाचे बाइक चुराई। योजना के अनुसार 20 जुलाई को बृजेश यादव ने अपने दोनों कर्मचारियों को रुपये देकर भेजा तो विशाल पाल और सूरज ने इसकी सूचना अपने साथी अक्षय व शिवलाल पाल को दी। इसके साथ ही विशाल और सूरज छितूपुर में आकर खड़े हो गए। वहीं, अक्षय व शिवलाल अपनी पैशन प्रो बाइक छितूपुर में खड़ी करके बीएचयू कैंपस से चोरी की गई अपाचे लेकर बढ़े। भगवानपुर मोड़ के समीप अक्षय और शिवलाल ने बृजेश के कर्मचारियों की बाइक में टक्कर मार कर बाल्टे में रखा पैसा छीन लिया और रास्ते में अपना कपड़ा बदल लिया। तीन-तीन लाख रुपया अक्षय और शिवलाल ने ले लिया। वहीं, विशाल व सूरज डेढ़-डेढ़ लाख रुपया दिया। अपाचे बाइक को छितूपुर में ही खड़ी करके प्लास्टिक के दूध के बाल्टा को पेट्रोल डालकर जला दिया गया। चारों ने बताया कि वह बिहार जाने की फिराक में थे तब तक पकड़ लिए गए।
बाल्टा से ही खुला राज, नहीं तो पकड़ में न आते बदमाश
एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि दूध का बाल्टा ही वारदात के खुलासे में अहम भूमिका निभाया। जब वारदात हुई तभी से यह लग रहा था कि कोई करीबी शामिल है। कारण कि कोई बदमाश यह नहीं समझ सकता है कि कोई दूध के बाल्टा में पैसा लेकर जाएगा। इसी वजह से विशाल की भूमिका की जांच शुरू की गई। विशाल पुलिस को देख कर घबरा जाता था और उसके घबराने की वजह से ही उससे पूछताछ शुरू की गई। पहले उसने इधर-उधर की कहानियां सुनाई, लेकिन अपनी ही बातों में फंसता चला गया और गुत्थी सुलझ गई।
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खुलासा करने वाली टीम को 35 हजार का इनाम
एसएसपी ने बताया कि शत-प्रतिशत बरामदगी में क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी पांडेय, लंका इंस्पेक्टर महेश पांडेय, एसआई प्रदीप यादव व अरुण प्रताप सिंह, पुनदेव सिंह, घनश्याम वर्मा, सुरेंद्र मौर्य, चंद्रसेन सिंह, रामबाबू और अमित सिंह आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस टीम को उनकी ओर से 10 हजार रुपये और आईजी रेंज विजय सिंह मीणा की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम दिया गया है।
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